येरुशलम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय इजराइल दौरे के दूसरे दिन आज महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। दौरे की शुरुआत में वे येरुशलम स्थित होलोकॉस्ट स्मारक ‘याद वाशेम’ जाएंगे, जहां उन्होंने नाजी शासन के दौरान मारे गए लगभग 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। याद वाशेम में एक संग्रहालय, नामों का हॉल, बच्चों का स्मारक और नेक लोगों का उद्यान शामिल है, जहां पीड़ितों के दस्तावेज, फोटो और व्यक्तिगत कहानियां संरक्षित हैं। इस स्मारक का नाम “याद वाशेम” का अर्थ “याद रखना और नाम लेना” है, ताकि होलोकॉस्ट की स्मृति जीवित रहे।
सुबह करीब 9 बजे याद वाशेम में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से औपचारिक मुलाकात करेंगे, जहां द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके बाद सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक होगी। इस बैठक में रक्षा सहयोग, मिसाइल रक्षा प्रणाली, साइबर सुरक्षा, उन्नत प्रौद्योगिकी, एआई, कृषि प्रौद्योगिकी, जल प्रबंधन, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहेगा। दोनों देशों के बीच बड़ी डिफेंस डील संभव है, जिसमें ड्रोन खरीद, संयुक्त निर्माण, प्रेसिजन-गाइडेड बम और मिसाइल सिस्टम शामिल हो सकते हैं।
दौरे के पहले दिन बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू द्वारा स्वागत किए गए। उन्होंने इजराइली संसद नेसेट को संबोधित किया और स्पीकर अमीर ओहाना द्वारा ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया। नेसेट में नेतन्याहू ने भारत को सभ्यता बताया जहां यहूदियों को कभी उत्पीड़न नहीं झेलना पड़ा और हमेशा स्वागत मिला। मोदी ने आतंकवाद की निंदा की और दोनों देशों के बीच दो हजार वर्ष पुराने संबंधों का जिक्र किया।
