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अम्मान (जॉर्डन): यह यात्रा भारत और जॉर्डन के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर और भी विशेष हो जाती है। दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी सभ्यतागत और सांस्कृतिक निकटता रही है। किंग अब्दुल्ला ने स्वागत के दौरान कहा कि पीएम मोदी की यह यात्रा दशकों पुरानी दोस्ती, आपसी सम्मान और सार्थक सहयोग को रेखांकित करती है। उन्होंने भारत को जॉर्डन का पुराना और विश्वसनीय मित्र बताया। पीएम मोदी ने भी इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए किंग का आभार व्यक्त किया और कहा कि दोनों देशों की आतंकवाद के खिलाफ सोच एक समान है।

यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा दोनों देशों के बीच हुए पांच समझौते हैं। ये समझौते विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देंगे:

  1. नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग: दोनों देश क्लीन और रिन्युएबल एनर्जी परियोजनाओं पर साथ काम करेंगे। यह पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
  2. जल संसाधन प्रबंधन: जल की कमी से जूझ रहे जॉर्डन के लिए भारत की विशेषज्ञता उपयोगी होगी। बेहतर जल प्रबंधन और विकास पर सहमति बनी।
  3. सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (2025-2029): संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए इस कार्यक्रम का नवीनीकरण किया गया, जो दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत को करीब लाएगा।
  4. डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर: डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित सार्वजनिक सेवाओं में साझेदारी पर लेटर ऑफ इंटेंट साइन हुआ। भारत की डिजिटल इंडिया पहल का अनुभव जॉर्डन को लाभ पहुंचाएगा।
  5. ऐतिहासिक धरोहरों का ट्विनिंग समझौता: जॉर्डन की विश्व प्रसिद्ध यूनेस्को धरोहर पेट्रा और भारत की एलोरा गुफाओं के बीच ट्विनिंग समझौता हुआ। इससे विरासत संरक्षण, पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

बता दें कि, आज का दिन आर्थिक सहयोग पर केंद्रित है। भारत-जॉर्डन बिजनेस फोरम में पीएम मोदी का संबोधन निवेशकों और उद्यमियों को आकर्षित करेगा। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के अवसर हैं, खासकर आईटी, फार्मा, कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में। जॉर्डन मध्य पूर्व का प्रवेश द्वार है और भारत के लिए यह रणनीतिक महत्व रखता है।

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