नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह प्रदर्शन देश के विभिन्न राज्यों में फैल गया है। बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है और डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू कर दी है। सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन, प्रशासनिक बदलाव और नए कानून जैसे कदम उठा रही है।
हम आपको नयह जानकारी देते चले कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर कहा कि युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दिल्ली, बॉम्बे, कलकत्ता और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट क्षेत्र में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें बनाने की जानकारी दी। इन अदालतों में रोज सुनवाई होगी।
यहां यह बताते चले कि, मोदी सरकार ने शिक्षा विभाग में बदलाव करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश गंगवार को नया शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। पूर्व शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया। देर रात प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि पेपर लीक कोई छोटी बात नहीं है। गुनहगार जेल में हैं और छात्रों का वर्ष बर्बाद न हो, इसके लिए तत्काल परीक्षाएं कराई गईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिया युवाओं को भरोसा
गुरुवार को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों मेहनती छात्रों की उम्मीदों को प्रभावित करती हैं और ऐसी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए विशेष व्यवस्था कर रही है। उनका कहना था कि केवल जांच शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मामलों का शीघ्र निपटारा भी उतना ही आवश्यक है ताकि छात्रों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
फिलहाल केंद्र सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पेपर लीक जैसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्वासन, विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन और शिक्षा विभाग में किए गए प्रशासनिक बदलावों को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन फैसलों का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि घोषित उपायों को कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।
