दिल्ली के सत्या निकेतन इलाके में पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना ने पूरे शहर को हिला दिया। इस हादसे में पाँच छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मिलकर 27 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और मलबे से लोगों को बाहर निकाला।
पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरीराम गुप्ता (81), उनकी पत्नी उर्मिला (75) और बेटे महेश (52) को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर अवैध निर्माण और लापरवाही के आरोप लगे हैं। पुलिस ने बताया कि निर्माण के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे इमारत कमजोर हो गई और यह हादसा हुआ।
इस मामले में IPC की धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) और धारा 288 (खतरनाक निर्माण) के तहत केस दर्ज किया गया है। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस घटना पर गंभीरता दिखाते हुए MCD और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने सभी पीजी बिल्डिंग्स की सेफ्टी ऑडिट कराने का ऐलान किया है। वहीं, छात्रों के परिवारों ने कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। इलाके में अन्य पीजी ऑपरेटर्स और कॉन्ट्रैक्टर्स की भी जांच शुरू कर दी गई है।
