नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। वे गुरुवार को दिल्ली पहुंचे थे, जहां जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और अन्य पार्टी नेताओं ने उनका स्वागत किया। शपथ ग्रहण राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन के कक्ष में हुआ।
शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि वे अब दिल्ली में रहकर काम करेंगे। राज्यसभा सदस्यता ग्रहण करने के लिए उनका यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शपथ के बाद वे शाम करीब 6:20 बजे पटना लौटने वाले हैं।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार 13 या 14 अप्रैल के बाद बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उन्होंने बिहार की सियासत छोड़कर केंद्र की राजनीति में सक्रिय होने के संकेत दिए हैं।यह घटना बिहार में सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं को तेज कर रही है। नीतीश कुमार 10 बार मुख्यमंत्री बन चुके हैं।
शपथ लेने के बाद मीडिया से बातचीत में नीतीश कुमार ने संकेत दिया कि वे अब राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि “अब दिल्ली में रहकर काम करेंगे,” जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनका फोकस राज्य की बजाय केंद्र की राजनीति की ओर शिफ्ट हो रहा है। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा नहीं की, लेकिन उनके बयान ने अटकलों को और तेज कर दिया है।
कुल मिलाकर, दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने के साथ ही नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक जीवन की नई पारी की शुरुआत कर दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे केंद्र की राजनीति में किस तरह की भूमिका निभाते हैं और बिहार की सियासत किस दिशा में आगे बढ़ती है।
