अमेरिका। अमेरिका के सभी 50 राज्यों में ‘नो किंग्स’ आंदोलन के तहत 29 मार्च 2026 को 3,100 से ज्यादा रैलियां आयोजित की गईं। आयोजकों के अनुसार इनमें कुल 90 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है। मिनेसोटा के सेंट पॉल में राष्ट्रीय स्तर का मुख्य कार्यक्रम हुआ, जहां हजारों लोग जमा हुए।
इन रैलियों का मुख्य विरोध डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति, पश्चिम एशिया में युद्ध, आक्रामक इमिग्रेशन अभियान और ट्रांसजेंडर अधिकारों में कटौती के खिलाफ था। सैन डिएगो में करीब 40,000 लोग शामिल हुए। वाशिंगटन में लिंकन मेमोरियल के पास सैकड़ों लोगों ने मार्च निकाला। न्यूयॉर्क में न्यूयॉर्क सिविल लिबर्टीज यूनियन की प्रमुख डोना लिबरमैन भी मौजूद रहीं।
यूरोप में भी विरोध प्रदर्शन हुए। रोम, लंदन और पेरिस में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। रोम में “युद्धमुक्त दुनिया चाहिए” जैसे बैनर दिखाए गए। लंदन में “दक्षिणपंथ को रोको” और “नस्लवाद के खिलाफ खड़े हो” के नारे लगे। पेरिस के बैस्टिल चौक पर फ्रांस में रह रहे अमेरिकी नागरिकों, मजदूर संगठनों और मानवाधिकार संस्थाओं ने हिस्सा लिया।
आयोजकों ने कहा कि ट्रंप की गैरकानूनी और बेतुकी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए लोग सड़कों पर आए हैं। मिनेसोटा में ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। रैलियां मुख्य रूप से छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी आयोजित की गईं।
