नोएडा। श्रमिक दिवस के मौके पर नोएडा पुलिस अलर्ट मोड पर है। 13 अप्रैल को औद्योगिक क्षेत्रों में हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रमुख चौराहों पर जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही है।डीआईजी यमुना प्रसाद ने सेक्टर 62 में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। श्रमिक संगठनों ने अपने सभी कार्यक्रम और आम सभाएं रद्द कर दी हैं। पदाधिकारियों को बेवजह एकत्रित होने से रोका गया है और उनके घर व कार्यालयों पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
इंटक के जिलाध्यक्ष केपी ओझा ने कहा कि उनका संगठन किसी भी ऐसे तत्वों से जुड़ा नहीं है जो शहर में अमन-चैन खराब करे। उन्होंने बताया कि प्रदेश और श्रमिकों के हित में कार्यक्रम रद्द किए गए हैं। सीटू के महासचिव राम स्वारथ ने बताया कि उन्होंने प्रशासन को ग्रेटर नोएडा के उद्योग विहार में यूनियन का झंडा बदलने और मिठाई वितरण की अनुमति के लिए आवेदन दिया था।
हिंद मजदूर सभा के प्रदेश सचिव राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस बार भी झंडा बदलकर कार्यक्रम आयोजित करने की परंपरा थी, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते कोई भी कार्यक्रम नहीं होंगे। जिला प्रशासन और कमिश्नरेट पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है तथा श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों पर नजर रखी जा रही है।
आने वाले दिनों में प्रशासन स्थिति की लगातार समीक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा उपायों में बदलाव भी किए जाएंगे। फिलहाल, नोएडा में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। श्रमिकों और उद्योगों के हित में यह जरूरी है कि सभी पक्ष संयम और सहयोग का परिचय दें, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके।
