जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुआ भयावह आतंकी हमला पूरे देश को झकझोर गया था। बैसरन घाटी में आतंकियों ने धर्म पूछकर मुख्य रूप से हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाया, जिसमें 26 लोगों की जान गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे और एक स्थानीय घोड़े वाला भी शामिल था। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी। लगभग आठ महीने बाद, 15 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू की विशेष एनआईए अदालत में 1597 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की।
साजिद जट्ट कौन है? पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कसूर जिले का रहने वाला साजिद जट्ट (असली नाम हबीबुल्लाह मलिक) लश्कर-ए-तैयबा का एक आक्रामक ऑपरेशनल कमांडर है। वह संगठन के संस्थापक हाफिज सईद के बाद दूसरे या तीसरे नंबर का महत्वपूर्ण नेता माना जाता है। साजिद टीआरएफ का प्रमुख भी है, जो लश्कर का छद्म संगठन है और जम्मू-कश्मीर में अधिकांश आतंकी घटनाओं में इसका हाथ होता है। भारत सरकार ने 2023 में टीआरएफ को यूएपीए के तहत प्रतिबंधित कर दिया था।
बता दें कि, यह घटना एक बार फिर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की हकीकत उजागर करती है। कश्मीर में शांति और पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों को ऐसे हमले बाधित करते हैं। सुरक्षाबलों की सतर्कता और जांच एजेंसियों की मेहनत से आतंकी नेटवर्क को तोड़ा जा रहा है, लेकिन क्षेत्र में शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान पर दबाव जरूरी है। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना और शहीदों को श्रद्धांजलि।
