जींद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को हरियाणा के जींद पहुंचकर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन जींद-सोनीपत के बीच चलेगी। इस मौके पर वे हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में कुल 26,800 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।
जींद की धरती से हरियाणा को 14,700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात मिलेगी। एकलव्य स्टेडियम में दर्जन भर विकास कार्यों के बाद प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे चंडीगढ़ जाएंगे, जहां दोपहर करीब 1:45 बजे स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क अवसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
चंडीगढ़ में 6,600 करोड़ रुपये के बजट से पीजीआई में 300 बेड का एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर और एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर का उद्घाटन होगा। आईटी सिटी से कुराली तक छह लेन ग्रीनफील्ड हाईवे भी तैयार है, जिसका लोकार्पण किया जाएगा।इसके बाद प्रधानमंत्री जालंधर पहुंचकर रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। यहां जालंधर कैंट सहित 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण होगा। पंजाब में कुल 5,470 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं।
जींद से होगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत
जींद में आयोजित कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ होगा। यह ट्रेन जींद-सोनीपत रेल मार्ग पर संचालित की जाएगी। हाइड्रोजन आधारित ट्रेनें पारंपरिक डीजल इंजनों की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल मानी जाती हैं क्योंकि इनके संचालन से कार्बन उत्सर्जन बेहद कम या लगभग शून्य होता है। यही कारण है कि दुनिया के कई विकसित देशों के बाद अब भारत भी हरित परिवहन तकनीक को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस परियोजना को सफलता मिलती है तो भविष्य में देश के अन्य गैर-विद्युतीकृत रेल मार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों का संचालन किया जा सकता है। इससे डीजल पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
अंत में यह जानकारी देते चले कि, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जा रहा है, उनसे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, आधुनिक स्वास्थ्य संस्थानों से चिकित्सा सुविधाएं मजबूत होंगी और रेलवे के आधुनिकीकरण से यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
