नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को देश के युवाओं को बड़ी सौगात देते हुए 18वें रोजगार मेले के तहत 61 हजार से अधिक नवनियुक्त अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपे। यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित युवा शामिल हुए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब सरकारी नौकरियां “मिशन मोड” में दी जा रही हैं और यह नियुक्ति पत्र केवल नौकरी का कागज नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का निमंत्रण है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत सभी नवनियुक्त युवाओं को बधाई देते हुए की। उन्होंने कहा कि नए साल की शुरुआत और बसंत पंचमी जैसे शुभ अवसर के साथ आपके जीवन में भी एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। जिस प्रकार बसंत ऋतु नई ऊर्जा और उल्लास का प्रतीक है, उसी तरह यह नियुक्ति आपके जीवन में एक नए “बसंत” की तरह है। उन्होंने कहा कि अब आपका कर्तव्य सीधे भारत के संविधान और देश की सेवा से जुड़ गया है।
सरकारी नौकरी मिशन मोड में
PM मोदी ने कहा युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मैं यहां मौजूद सभी युवाओं को बधाई देना चाहता हूं। दोस्तों, युवाओं को कौशल से जोड़ना और उन्हें रोजगार के अवसर देना हमारी सरकार का लक्ष्य रहा है। सरकारी नौकरियों को “मिशन मोड” में लाने के प्रयास में, रोजगार मेला शुरू किया गया था। पिछले कुछ सालों में, रोजगार मेला एक संस्था बन गया है जिसके माध्यम से लाखों युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में अपॉइंटमेंट लेटर मिले हैं।
पीएम मोदी ने युवाओं को संविधान के प्रति उनके दायित्वों की याद दिलाते हुए कहा कि सरकारी सेवा केवल अधिकारों का उपभोग करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी, अनुशासन और ईमानदारी के साथ देश की सेवा करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जब आप कार्यालयों, विभागों और संस्थानों में काम करेंगे, तो आपके फैसले और व्यवहार से आम नागरिकों का जीवन प्रभावित होगा। ऐसे में संविधान की भावना को आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर देश में चल रहे राष्ट्रीय पर्वों और ऐतिहासिक तिथियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार, 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पराक्रम दिवस मनाया गया, जबकि 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि आज ही के दिन संविधान ने ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता दी थी। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और प्रेरणादायक दिन पर 61 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलना अपने आप में एक विशेष संयोग है।
