समाचार मिर्ची

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत सरकार गांवों में खेती-किसानी के साथ-साथ छोटा उद्योग या व्यवसाय शुरू करने वालों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना में लोन के साथ सब्सिडी दी जाती है, जिससे किसान और गांव के युवा अपनी आय बढ़ा सकते हैं। योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए डिजाइन की गई है।

योजना के अंतर्गत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 50 लाख रुपये तक और सर्विस सेक्टर में 20 लाख रुपये तक का लोन बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। ग्रामीण इलाकों में सामान्य वर्ग के लिए प्रोजेक्ट की कुल लागत पर 25 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है, जबकि महिलाओं, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक और पूर्व सैनिकों जैसे विशेष वर्गों को 35 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। इससे लोन की बड़ी राशि वापस नहीं करनी पड़ती।

18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है। मैन्युफैक्चरिंग में 10 लाख रुपये से ऊपर के प्रोजेक्ट और सर्विस सेक्टर में 5 लाख रुपये से ऊपर के प्रोजेक्ट के लिए न्यूनतम 8वीं पास होना जरूरी है। दाल मिल, मसाला उद्योग, रिपेयरिंग सेंटर जैसी गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं।

आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जाता है। इच्छुक व्यक्ति आधिकारिक पोर्टल https://www.jansamarth.in/prime-minister-employment-generation-program-scheme पर रजिस्ट्रेशन कर बुनियादी विवरण और प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा कर सकते हैं। आवेदन स्वीकृत होने पर बैंक लोन प्रक्रिया शुरू करता है और सब्सिडी खाते से जुड़ जाती है। व्यवसाय शुरू करने से पहले सरकार प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराती है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version