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नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले एलपीजी सिलिंडर का कोटा दोगुना कर दिया है। अब इन मजदूरों को हर महीने 5 किलो के दो सिलिंडर मिल सकेंगे। इससे पहले उन्हें केवल एक सिलिंडर प्रति माह उपलब्ध था।यह फैसला प्रवासी मजदूरों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। नए कोटे से उनकी रसोई गैस की जरूरत बेहतर तरीके से पूरी हो सकेगी। सरकार ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।इस कदम से देशभर के लाखों प्रवासी मजदूरों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। वे अब अपनी दैनिक जरूरतों के लिए एलपीजी सिलिंडर की कमी महसूस नहीं करेंगे।सरकार का यह निर्णय प्रवासी मजदूरों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

सरकार के इस नए फैसले के तहत अब हर महीने दो 5 किलो के सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे प्रवासी मजदूरों की रसोई गैस की जरूरत बेहतर तरीके से पूरी हो सकेगी। यह कदम न केवल उनके जीवन स्तर को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि उन्हें स्वच्छ ईंधन अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। इससे धुएं से होने वाली बीमारियों में कमी आने की भी संभावना है, जो अक्सर पारंपरिक चूल्हों के उपयोग से होती हैं।

सरकार का कहना है कि यह पहल प्रवासी मजदूरों के कल्याण के व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है। देश के विभिन्न राज्यों में काम करने वाले लाखों मजदूर, जो अपने परिवार से दूर रहकर जीविकोपार्जन करते हैं, अक्सर बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझते हैं। उनके लिए रसोई गैस जैसी जरूरी सुविधा का सुलभ और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होना बेहद अहम है।

सरकार के इस कदम से यह भी संकेत मिलता है कि वह समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील है और उनकी जरूरतों को समझते हुए नीतिगत फैसले ले रही है। अब देखना यह होगा कि इस योजना का लाभ जमीनी स्तर पर किस हद तक प्रभावी ढंग से पहुंच पाता है और यह प्रवासी मजदूरों के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव ला पाता है।

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