प्रयागराज। प्रयागराज में 25 फरवरी 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी के शिष्य ने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद पर नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बच्चों के यौन शोषण में राजनीतिक पार्टियों के कई बड़े नेता और VIP भी शामिल हैं। आरोप है कि नाबालिगों को VIP के सामने पेश किया जाता था और फिर आश्रम ले जाया जाता था। लगभग 20 युवा लड़के और लड़कियां पीड़ित बताए गए हैं। उनके पास लैपटॉप में फोटो और वीडियो मौजूद होने का दावा किया गया है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर सनातन के नाम पर विदेश से धन प्राप्त करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर स्थित विद्यामठ और प्रतापगढ़ सहित अन्य स्थानों पर यौन शोषण की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य को तत्काल जेल भेजा जाना चाहिए। पोक्सो एक्ट के तहत झूसी थाने में 21 फरवरी 2026 को एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने दो नाबालिगों के बयान दर्ज किए, जिनमें से एक की मेडिकल जांच 25 फरवरी को गंगापार अस्पताल में हुई। पुलिस टीम ने शंकराचार्य के मठ का दौरा भी किया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस हॉल में हुई। आरोपकर्ता ने मग मेला के दौरान भी शोषण का दावा किया और सबूत नष्ट करने की बात कही। अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या अतिरिक्त नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन 2-3 अन्य नाम जल्द खुलासा करने की बात कही गई है।
