जयपुर। राजस्थान में पशुपालन और डेयरी से जुड़े ग्रामीण परिवारों के लिए राज्य सरकार ने गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र पशुपालकों को अधिकतम एक लाख रुपए तक का अल्पकालीन ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुओं के बीमार पड़ने, चारे के दाम बढ़ने या डेयरी से जुड़े अचानक खर्चों के समय अब पशुपालकों को महंगे ब्याज वाले कर्ज या साहूकारों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पशु चिकित्सक विनोद चौधरी के अनुसार, ऋण की राशि का इस्तेमाल पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से जुड़े जरूरी कामों में किया जा सकता है। इसमें हरा-सूखा चारा, पशु आहार, मिनरल मिक्सचर, दवाइयां, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, पशु चिकित्सा, दुग्ध उत्पादन से जुड़े उपकरण, पशु शेड का निर्माण या मरम्मत, चारा काटने की मशीन और अन्य जरूरी सामान खरीदना शामिल है।योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का राजस्थान का निवासी होना, पशुपालन या डेयरी व्यवसाय से जुड़ा होना तथा दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का सदस्य होना जरूरी है। साथ ही संबंधित बैंक या सहकारी संस्था की पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। अंतिम स्वीकृति बैंक या सहकारी संस्था के नियमों के अनुसार दी जाएगी।
आवेदन के लिए आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो और पशुओं का विवरण जैसे दस्तावेज तैयार रखने होंगे। इच्छुक पशुपालक नजदीकी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, ग्राम सेवा सहकारी समिति या पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं। जहां ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है, वहां एसएसओ पोर्टल के माध्यम से राज-सहकार सेवा में लॉगिन कर आवेदन किया जा सकता है।
1 लाख रुपये तक मिल सकता है ब्याज मुक्त ऋण
योजना के तहत पात्र पशुपालकों को अधिकतम एक लाख रुपये तक का अल्पकालीन ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण का इस्तेमाल पशुपालन और डेयरी व्यवसाय की रोजमर्रा की जरूरतों तथा आवश्यक खर्चों के लिए किया जा सकता है।
इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पशुपालकों को पशुओं से जुड़ी तत्काल जरूरतों के लिए महंगे ब्याज वाले अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि ऋण की अंतिम स्वीकृति संबंधित बैंक या सहकारी संस्था की पात्रता और नियमों के आधार पर होगी।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेने के लिए कुछ प्रमुख पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी है। सबसे पहले आवेदक का राजस्थान का निवासी होना आवश्यक है। इसके साथ ही उसका पशुपालन या डेयरी व्यवसाय से जुड़ा होना जरूरी है।
आवेदक का दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का सदस्य होना भी योजना की प्रमुख शर्तों में शामिल है। इसके अलावा संबंधित बैंक या सहकारी संस्था द्वारा निर्धारित अन्य पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होगा।
हालांकि पशुपालकों को यह समझना जरूरी है कि ऋण सुविधा योजना के नियमों के तहत दी जाती है और इसकी स्वीकृति संबंधित बैंक या सहकारी संस्था की प्रक्रिया पर निर्भर करती है। इसलिए आवेदन करने से पहले स्थानीय स्तर पर योजना की वर्तमान शर्तों, दस्तावेजों और ऋण की प्रक्रिया की पुष्टि कर लेना चाहिए। पात्र पशुपालक नजदीकी सहकारी समिति या पशुपालन विभाग से जानकारी लेकर इस सुविधा का लाभ उठाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
