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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली।भारत में खेती को डिजिटल बनाने के लिए सरकार AgriStack के तहत Farmer Registry तैयार कर रही है। इसी Farmer Registry में किसानों को एक डिजिटल पहचान यानी Farmer ID दी जाती है। यह पहचान किसान से जुड़े भूमि रिकॉर्ड, उगाई जाने वाली फसलों और अन्य संबंधित जानकारी से जुड़ी होती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 तक देश में 10.31 करोड़ से अधिक Farmer IDs बनाए जा चुके हैं।

यहां यह जानकारी दे दें कि, Farmer ID किसान की डिजिटल पहचान है। इसे राज्य की डिजिटल भूमि जानकारी और किसान से संबंधित रिकॉर्ड के साथ जोड़ा जाता है। इसका उद्देश्य यह है कि किसान की पहचान और खेती से जुड़ी जानकारी एक डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से उपलब्ध हो सके और सरकारी कृषि सेवाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया आसान हो।

वही यह भी बताते चले कि, Farmer ID को विभिन्न किसान-केंद्रित योजनाओं और सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। इससे पात्र किसानों की पहचान और योजनाओं में पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक सुगम हो सकती है। इसमें PM-KISAN जैसी DBT योजनाओं का एकीकरण भी शामिल है। Farmer ID का उपयोग प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) जैसी सेवाओं में पंजीकरण और किसान की जानकारी को व्यवस्थित करने के लिए किया जा रहा है। कुछ राज्यों में Farmer ID का इस्तेमाल फसल बीमा योजनाओं में नामांकन के लिए भी किया जा रहा है।

इस संबंध में बताते चले कि, Farmer ID को MSP आधारित सरकारी खरीद प्रणालियों से भी जोड़ा जा रहा है। इससे किसान की पहचान और फसल संबंधी जानकारी को खरीद प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकारी जानकारी के अनुसार Farmer ID का इस्तेमाल Kisan Credit Card (KCC) जारी करने के लिए भी किया जा रहा है। इसके माध्यम से किसानों को बीज, खाद और अन्य कृषि इनपुट से संबंधित सेवाओं की डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलती है। Farmer ID को आपदा राहत और फसल नुकसान से संबंधित सेवाओं के साथ भी एकीकृत किया जा रहा है। डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से प्रभावित किसानों की पहचान और सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलती है।

अंत में बता दें कि, किसान अपने राज्य की Farmer Registry व्यवस्था, संबंधित कृषि विभाग, Common Service Centre (CSC) या अधिकृत सहायता केंद्र से जानकारी ले सकते हैं। सरकार ने ऐसे किसानों के लिए CSC, FPO और अन्य स्थानीय सहायता माध्यमों का भी प्रावधान किया है, जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं है।

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