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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया। यह लगातार 13वां मौका था जब पीएम मोदी ने लाल किले से तिरंगा फहराया और राष्ट्र के नाम संदेश दिया। इस ऐतिहासिक संबोधन के साथ ही वह भारत के संसदीय इतिहास में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बन गए हैं।2014 में देश की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल 15 अगस्त को देश को संबोधित किया। अपने 13वें स्वतंत्रता दिवस भाषण के साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ दिया है। इंदिरा गांधी ने 1966 से 1976 के बीच लगातार स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया था।

भारत में लगातार सबसे ज्यादा बार स्वतंत्रता दिवस भाषण देने का रिकॉर्ड देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम है। नेहरू ने 1947 से 1963 तक लगातार 17 बार लाल किले से तिरंगा फहराया था।स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक गरिमा के साथ लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के साथ ही सेना ने 21 तोपों की गगनभेदी सलामी दी, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने अपना संबोधन शुरू किया।

13वें संबोधन के साथ इंदिरा गांधी से आगे निकले मोदी

लगातार स्वतंत्रता दिवस भाषण देने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ दिया है। इंदिरा गांधी ने वर्ष 1966 से 1976 के बीच लगातार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देश को संबोधित किया था। मोदी के 13वें लगातार संबोधन के साथ अब उनका नाम इस सूची में इंदिरा गांधी से ऊपर दर्ज हो गया है।

हालांकि, स्वतंत्रता दिवस पर लगातार सबसे ज्यादा बार राष्ट्र को संबोधित करने का रिकॉर्ड अभी भी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम है। नेहरू ने स्वतंत्र भारत के शुरुआती दौर में वर्ष 1947 से 1963 तक लगातार 17 बार लाल किले से तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया था।

1947 से शुरू हुई लाल किले की परंपरा

भारत की स्वतंत्रता के बाद लाल किला देश के राष्ट्रीय समारोहों के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक बन गया। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराना और उसके बाद राष्ट्र को संबोधित करना स्वतंत्रता दिवस समारोह की प्रमुख परंपरा बन चुकी है।

15 अगस्त 1947 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्री के रूप में लाल किले से तिरंगा फहराया था। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन की परंपरा लगातार आगे बढ़ी।

समय के साथ यह कार्यक्रम केवल औपचारिक समारोह न रहकर सरकार की प्राथमिकताओं और देश की दिशा को सामने रखने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच बन गया। प्रधानमंत्री इस अवसर पर देश के विकास, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, सामाजिक मुद्दों, सरकारी योजनाओं और भविष्य के लक्ष्यों पर अपनी बात रखते हैं।

8आखिर में हम आपको बता दें कि, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का 13वां संबोधन इसी ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाने वाला अवसर रहा। लगातार 13 वर्षों तक इस राष्ट्रीय मंच से देश को संबोधित करने के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय राजनीतिक इतिहास में अपनी एक अलग पहचान दर्ज की है, जबकि पंडित जवाहरलाल नेहरू का 17 लगातार संबोधनों का रिकॉर्ड अभी भी शीर्ष पर कायम है।

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