समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

झालावाड़ (राजस्थान)। देश भर में भारी बारिश के चलते मकान जमीदोज होने जैसी कई घटनाएं सामने आ रही है। राजस्थान के झालावाड़ जिले में शुक्रवार सुबह ऐसा ही एक भयावह हादसा हुआ जब मनोहरथाना क्षेत्र के पीपलोदी गांव स्थित एक सरकारी स्कूल की छत अचानक ढह गई। इस दर्दनाक घटना में चार मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में कोहराम मच गया और प्रशासन से लेकर आम जन तक हर कोई स्तब्ध रह गया।

इस घटना पर राज्य के सीएम भजनलाल शर्मा ने दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि झालावाड़ के पीपलोदी में एक स्कूल की छत गिरने से हुई दुखद दुर्घटना अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। घायल बच्चों के समुचित उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बताया कि “अब तक की जानकारी के अनुसार, चार बच्चों की मौत हो चुकी है और 17 बच्चे घायल हैं, जिनमें से कुछ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।”

पुलिस के अनुसार, यह घटना जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलोदी सरकारी स्कूल में उस समय हुई जब बच्चे कक्षा में थे। पुलिस ने बताया कि घटना के तुरंत बाद शिक्षकों और ग्रामीणों की मदद से बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया।

झालावाड़ का यह हादसा एक बार फिर हमें यह सोचने को मजबूर करता है कि बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देना कितना आवश्यक है। जब तक स्कूलों की इमारतें सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक शिक्षा का अधिकार अधूरा है। जरूरत है व्यवस्थित ऑडिट, जवाबदेही और तत्पर प्रशासनिक कार्रवाई की, जिससे भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोका जा सके।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version