नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व और आंतरिक कामकाज को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का ताजा बयान सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले अल्वी ने अब राहुल गांधी का खुलकर समर्थन करते हुए कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी “देश की जरूरत” हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिस तरह से सामना राहुल करते हैं, वैसा देश में कोई अन्य नेता नहीं कर पा रहा।
इस कड़ी में हम आपको बता दें कि, यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही राशिद अल्वी ने कांग्रेस के आंतरिक कामकाज को लेकर असंतोष जताया था। रविवार को उन्होंने कहा था कि पार्टी नेतृत्व से मिलने के लिए नेताओं को “एड़ी-चोटी का जोर” लगाना पड़ता है, फिर भी मुलाकात नहीं हो पाती। इस टिप्पणी को कांग्रेस संगठन के भीतर संवाद की कमी और फैसलों में पारदर्शिता से जोड़कर देखा गया था।
जानकारी देते चले कि, राशिद अल्वी का यह बयान उस विवाद के बाद सामने आया है, जो कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद की टिप्पणी से शुरू हुआ। शकील अहमद ने शनिवार को राहुल गांधी को “डरपोक” और “असुरक्षित नेता” बताया था। इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर ही तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और पार्टी की सार्वजनिक छवि पर भी सवाल उठे। राशिद अल्वी ने अप्रत्यक्ष रूप से शकील अहमद की टिप्पणी का खंडन करते हुए कहा कि राहुल गांधी को कमजोर आंकना गलत है। उनके अनुसार, राहुल गांधी न सिर्फ पार्टी के भीतर बल्कि देश की राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
“मोदी का सामना करने वाला कोई और नहीं”
वही हम आपको यह भी बतादे कि, अल्वी ने अपने बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया कि राहुल गांधी जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों, फैसलों और राजनीति का सामना करते हैं, वैसा साहस और निरंतरता किसी अन्य नेता में नजर नहीं आती। संसद से लेकर सड़क तक, राहुल गांधी लगातार सरकार से सवाल पूछते रहे हैं, चाहे वह महंगाई का मुद्दा हो, बेरोजगारी, लोकतंत्र की स्थिति या सामाजिक सौहार्द।उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार कांग्रेस को दोषी ठहराने और सांप्रदायिक मुद्दों के जरिए उसे घेरने की कोशिश करती है, लेकिन राहुल गांधी इन मुद्दों पर खुलकर सरकार को जवाब देते हैं और जनता के सामने अपनी बात रखते हैं।
कुल मिलाकर, अल्वी का यह बयान यह दर्शाता है कि कांग्रेस के भीतर मतभेदों के बावजूद राहुल गांधी को लेकर एक बड़ा वर्ग अब भी उन्हें पार्टी और देश की राजनीति के लिए जरूरी मानता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इन बयानों से क्या सबक लेती है और अपनी रणनीति को कैसे आगे बढ़ाती है।
