समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और आंतरिक संवाद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने एक बार फिर बड़ा और स्पष्ट बयान देकर राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाने के ठीक एक दिन बाद अल्वी ने सोमवार को कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी “देश की जरूरत” हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिस तरह से सामना राहुल करते हैं, वैसा कोई और नेता नहीं कर पा रहा है।

इस कड़ी में हम आपको बता दें कि, कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़ा करने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने सोमवार को कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ”देश की जरूरत” हैं।उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी अन्य नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उस तरह से सामना नहीं करता जिस तरह से राहुल करते हैं।गौरतलब है कि पार्टी के आंतरिक कामकाज पर चिंता जताते हुए अल्वी ने रविवार को कहा था कि पार्टी नेतृत्व से मिलने के लिए एड़ी चोटी एक करना पड़ता है, फिर भी उनसे मुलाकात नहीं होती है।

हालांकि, सोमवार को अपने बयान में अल्वी ने साफ किया कि राहुल गांधी को लेकर उनकी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी देश की जरूरत हैं। कांग्रेस में उनका जनसमर्थन सबसे अधिक है। उनके बिना कांग्रेस, कांग्रेस नहीं रह सकती।” अल्वी के अनुसार, भले ही राहुल गांधी को लेकर लोगों की राय अलग-अलग हो, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में जिस मजबूती और निरंतरता के साथ वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सामना कर रहे हैं, वैसा कोई अन्य नेता नहीं कर रहा।

वही, राजनीतिक दृष्टि से देखें तो राहुल गांधी को “देश की जरूरत” बताना केवल पार्टी समर्थन का बयान नहीं है, बल्कि विपक्ष की व्यापक भूमिका को रेखांकित करने की कोशिश भी है। मौजूदा संसद में सरकार की नीतियों पर प्रभावी सवाल उठाना, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना और वैकल्पिक राजनीति प्रस्तुत करना विपक्ष की ज़िम्मेदारी है। अल्वी का मानना है कि राहुल गांधी इस भूमिका को निभाने में सक्षम हैं और निभा भी रहे हैं।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version