अमेरिका। अमेरिका ने एच-1बी वीजा देने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब लाभार्थियों का चयन रैंडम लॉटरी के बजाय वेतन (सैलरी) के आधार पर होगा। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी यूएससीआईएस ने फॉर्म I-129 का नया सिस्टम तैयार किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से अनिवार्य हो जाएगा। कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों के लिए दाखिल याचिकाओं में नौकरी से जुड़ी अधिक जानकारी प्रदान करनी होगी। इससे अधिक अनुभवी और उच्च वेतन वाले प्रोफेशनल्स को वीजा मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
नए नियम के तहत आवेदकों को चार अलग-अलग सैलरी लेवल में विभाजित किया जाएगा। लेवल-4 (सबसे उच्च वेतन) वाले आवेदकों को चयन में चार मौके मिलेंगे, लेवल-3 को तीन, लेवल-2 को दो और लेवल-1 को एक मौका मिलेगा। ये लेवल अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा निर्धारित प्रत्येक पेशे और शहर के लिए मानक वेतन के आधार पर तय किए जाते हैं। यह व्यवस्था उच्च कुशल और उच्च वेतन वाले विदेशी श्रमिकों को प्राथमिकता देने के लिए बनाई गई है, जबकि सभी वेतन स्तरों पर नियोक्ताओं को एच-1बी श्रमिक प्राप्त करने का अवसर बना रहेगा।
फॉर्म I-129 का उपयोग नियोक्ताओं द्वारा अस्थायी रूप से अमेरिका में काम, सेवाएं, श्रम या प्रशिक्षण के लिए गैर-प्रवासी श्रमिकों को लाने की याचिका दाखिल करने के लिए किया जाता है। 1 अप्रैल 2026 से केवल अद्यतन फॉर्म ही स्वीकार किया जाएगा। यह बदलाव एच-1बी कार्यक्रम की अखंडता को मजबूत करने और अमेरिकी श्रमिकों के वेतन, कार्य स्थितियों तथा रोजगार अवसरों की बेहतर सुरक्षा के उद्देश्य से लागू किया गया है।
