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नई दिल्ली। नई दिल्ली में सोमवार सुबह कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें भारत-कनाडा संबंधों को मजबूत करने, ऊर्जा सहयोग बढ़ाने, व्यापार विस्तार और व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) को आगे बढ़ाने पर फोकस किया गया। बैठक का उद्देश्य 2023 से तनावपूर्ण रहे द्विपक्षीय संबंधों को बहाल करना है।

वार्ता में निवेश बढ़ाने, खासकर रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कनाडाई पेंशन फंड्स के मौजूदा लगभग 100 अरब डॉलर के निवेश को आधार बनाकर आगे बढ़ने पर बात हुई। दोनों देशों के बीच वर्तमान वार्षिक व्यापार 21 अरब डॉलर से अधिक है। ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें कनाडा से भारत को 10 वर्षीय यूरेनियम आपूर्ति समझौते (लगभग 3 अरब डॉलर मूल्य का) पर जोर दिया गया। कनाडा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक है और 2013 के परमाणु सहयोग समझौते के तहत पहले भी भारत को यूरेनियम की आपूर्ति कर चुका है।

चर्चा में खालिस्तानी चरमपंथी गतिविधियों पर लगाम लगाने का मुद्दा भी शामिल रहा। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि दोनों देशों के बीच कभी-कभी राजनीतिक मतभेद रहे हैं, लेकिन कनाडा भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में विश्वसनीय साझेदार बना रहेगा। इससे पहले रविवार को कार्नी ने मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी नीता और बेटे अनंत द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

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