जींद। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच चलेगी, जिसमें सफर पूरा करने में दो घंटे से अधिक समय लगेगा। इस लॉन्च के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जहां हाइड्रोजन ईंधन से ट्रेनें चलाई जाती हैं।
ट्रेन 14 स्टेशनों पर रुकेगी। जींद जंक्शन से शुरू होकर यह जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भंभेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंदराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना, बड़वासनी होते हुए सोनीपत जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में भी यही स्टॉपेज रहेंगे।किराया जींद से सोनीपत तक अधिकतम 25 रुपये रखा गया है, जबकि शुरुआती किराया 5 रुपये है। ट्रेन का संचालन 74010 और 74009 नंबर की सेवाओं के रूप में होगा। यह सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होकर 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। वापसी में 10:30 बजे सोनीपत से चलकर दोपहर 1 बजे जींद पहुंचेगी। ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।यह परियोजना ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जींद से सोनीपत के बीच चलेगी पहली हाइड्रोजन ट्रेन
नई हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद जंक्शन से शुरू होकर सोनीपत जंक्शन तक चलेगी। दोनों स्टेशनों के बीच यात्रा पूरी करने में लगभग दो घंटे का समय लगेगा। ट्रेन का संचालन प्रतिदिन निर्धारित समय के अनुसार किया जाएगा और यात्रियों को कम किराए में आधुनिक यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी।
भारतीय रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन फिलहाल सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। नियमित संचालन के दौरान यात्रियों को समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
अंत में हम आपको यह बताते चले कि, भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का जींद–सोनीपत रेलखंड पर संचालन देश के रेलवे इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के साथ शुरू हुई यह सेवा भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, हरित ऊर्जा के उपयोग और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ती है। निर्धारित समय, किफायती किराया और 14 स्टेशनों पर ठहराव के साथ यह ट्रेन न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करेगी, बल्कि भविष्य में भारत के रेल नेटवर्क में स्वच्छ ऊर्जा आधारित तकनीकों के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त कर सकती है।
