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नई दिल्ली।बिहार सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए बीज मसाला योजना शुरू की है। इस योजना के तहत धनिया और मेथी जैसी मसाला फसलों की खेती करने वाले किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।बिहार कृषि विभाग की योजना में प्रति हेक्टेयर 15,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जो पहले वर्ष में 7,500 रुपये और दूसरे वर्ष में 7,500 रुपये के रूप में मिलेगी। योजना का उद्देश्य किसानों को इन फसलों की खेती के लिए प्रेरित करना है।

इस कड़ी में बता दें कि, योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बिहार सरकार के डीबीटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगा। बिहार के निवासी किसान जिनके पास 0.25 एकड़ से 10 एकड़ तक की भूमि है या पट्टे पर ली गई है, आवेदन कर सकते हैं। 0.25 एकड़ से कम भूमि वाले किसान पात्र नहीं हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के दस्तावेज और पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी हैं।धनिया की फसल 3-4 महीने में तैयार हो जाती है। बाजार में इसके हरे पत्तों और सूखे बीजों की अच्छी मांग है। योजना मानसून मौसम में हरी सब्जियों और मसालों के उत्पादन को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।

प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता

बीज मसाला योजना के तहत किसानों को कुल 15,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी। यह राशि एकमुश्त न देकर दो वर्षों में वितरित की जाएगी।

योजना के अनुसार—

  • पहले वर्ष: 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
  • दूसरे वर्ष: 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर

इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य किसानों को धनिया और मेथी जैसी लाभकारी मसाला फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे खेती की लागत कम होगी और किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने में भी सहायता मिलेगी।

कुल मिलाकर, बिहार सरकार की बीज मसाला योजना धनिया और मेथी जैसी लाभकारी मसाला फसलों की खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रति हेक्टेयर 15,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता, ऑनलाइन आवेदन की सुविधा और स्पष्ट पात्रता मानदंड इस योजना को किसानों के लिए उपयोगी बनाते हैं। जो किसान निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं, वे समय पर डीबीटी पोर्टल पर आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाकर अपनी कृषि आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

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