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नई दिल्ली। सावन शिवरात्रि 10 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन कांवड़ यात्रा का जल चढ़ाया जाएगा। वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 10 अगस्त को शाम 6 बजकर 24 मिनट पर होगी। इस तिथि का समापन 11 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 22 मिनट पर होगा।

इस अवसर पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सच्चे मन से जलाभिषेक करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और महादेव की कृपा प्राप्त होती है। कांवड़ यात्रा का समापन भी इसी दिन होता है।

चार पहर की पूजा का शुभ मुहूर्त

रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय: दोपहर 6 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 44 मिनट तक। रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय: रात 9 बजकर 44 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक। रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय: रात 12 बजकर 31 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक। रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय: रात 3 बजकर 18 मिनट से 6 बजकर 5 मिनट तक।

सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दौरान शिव साधना से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। भक्तों को डायरी में इन मुहूर्तों को नोट कर लेना चाहिए।

कांवड़ यात्रा का होगा समापन

सावन शिवरात्रि के दिन कांवड़ यात्रा भी अपने अंतिम चरण में पहुंचती है। देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों कांवड़िए गंगा, यमुना, नर्मदा और अन्य पवित्र नदियों से जल भरकर अपने-अपने क्षेत्र के शिव मंदिरों में पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं मानी जाती, बल्कि अनुशासन, सेवा, संयम और सामूहिक श्रद्धा का भी उदाहरण है। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की जाती है ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

सावन शिवरात्रि का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्मग्रंथों और धार्मिक परंपराओं में सावन मास को भगवान शिव का प्रिय महीना बताया गया है। इस पूरे महीने में शिव पूजा, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और शिव चालीसा का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।

मान्यता है कि सावन शिवरात्रि के दिन सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कई श्रद्धालु इस दिन निर्जला या फलाहार व्रत भी रखते हैं तथा पूरे दिन भगवान शिव का ध्यान करते हैं।

अंत मे बताते चले कि, सावन शिवरात्रि 2026 भगवान शिव के प्रति आस्था व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण पर्व है। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा, जलाभिषेक और आध्यात्मिक साधना भक्तों के लिए धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। इसलिए इस पावन अवसर पर श्रद्धालु विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना कर सकते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए प्रार्थना कर सकते हैं।

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