नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी के साथ बंद हुआ। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 827.57 अंकों यानी 1.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,569.39 पर पहुंच गया। निफ्टी 50 भी 244.10 अंकों यानी 1.02 प्रतिशत की उछाल के साथ 24,206.90 पर बंद हुआ।
इस संबंध में जानकारी दे दें कि, सेंसेक्स पिछले बंद 76,741.82 से 653.81 अंकों की बढ़त के साथ 77,395.63 पर खुला और दिन के उच्चतम स्तर 77,642.23 पर पहुंचा। निफ्टी पिछले बंद 23,962.80 से 161.9 अंकों की उछाल के साथ 24,124.70 पर खुला और 24,228.45 के उच्चतम स्तर पर पहुंचा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.40 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यह भी जानकारी देते चले कि, सेक्टरवार निफ्टी रियल्टी में 3.49 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक में 3.03 प्रतिशत की तेजी रही। निफ्टी आईटी, मेटल, फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंक में भी एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई।विनोद नायर, हेड ऑफ रिसर्च, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स ने कहा कि बैंकों से पॉजिटिव बिजनेस अपडेट, आईटी सेक्टर की उम्मीदें और एआई मौकों के साथ Q1 अर्निंग्स सीजन की अच्छी शुरुआत ने बाजार को समर्थन दिया। नागराज शेट्टी, एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार, निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव है और तुरंत सपोर्ट 24,000 के स्तर पर है।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 1.55 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।
विश्लेषकों के अनुसार, जब बड़ी कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी आती है, तो इसे बाजार में व्यापक भागीदारी और सकारात्मक निवेशक भावना का संकेत माना जाता है।
भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह का समापन मजबूत बढ़त के साथ किया। सेंसेक्स 827.57 अंक चढ़कर 77,569.39 पर और निफ्टी 244.10 अंक की तेजी के साथ 24,206.90 पर बंद हुआ। बैंकिंग, आईटी, रियल्टी और वित्तीय सेवाओं से जुड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने भी सकारात्मक प्रदर्शन किया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बैंकिंग क्षेत्र के मजबूत कारोबारी संकेत, आईटी सेक्टर से जुड़ी उम्मीदें और पहली तिमाही के नतीजों की सकारात्मक शुरुआत ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। हालांकि आगे की दिशा कॉर्पोरेट आय, वैश्विक संकेतों और आर्थिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।
