नई दिल्ली। भारत में चल रहे AI Impact Summit 2026 का आज चौथा दिन है और इस दौरान वैश्विक टेक कंपनियों ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई मेगा डील्स और निवेशों की घोषणा की है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, क्वालकॉम जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ-साथ भारतीय कंपनियां जैसे योट्टा, एलएंडटी और नेysa AI ने बड़े-बड़े ऐलान किए हैं। ये निवेश मुख्य रूप से डेटा सेंटर्स, AI चिप फैक्ट्रीज, कंप्यूटिंग हब और GPU डिप्लॉयमेंट पर केंद्रित हैं। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अगले दो वर्षों में भारत में 200 अरब डॉलर से अधिक के निवेश की उम्मीद है, जिसमें से करीब 90 अरब डॉलर पहले ही कमिट हो चुके हैं।
जानकारी दे दें कि, यह समिट भारत को AI के वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गूगल CEO सुंदर पिचाई की बैठक और अन्य वैश्विक लीडर्स की मौजूदगी ने इसे और मजबूती दी है। समिट में 2.5 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं और यह 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में चल रहा है। अब तक की प्रमुख घोषणाओं से भारत की AI क्षमता में भारी वृद्धि होने की संभावना है, जो रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और सोवरेन AI (स्वदेशी AI) को बढ़ावा देगी।
अंत में यह भी बताते चले कि, इन डील्स से भारत को कुल मिलाकर अरबों डॉलर का फायदा होगा। AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से रोजगार बढ़ेंगे, स्टार्टअप्स को सपोर्ट मिलेगा, और भारत ग्लोबल साउथ के लिए AI मॉडल बनेगा। क्वालकॉम ने भी 150 मिलियन डॉलर AI स्टार्टअप्स में निवेश की बात कही है। समिट में क्वालकॉम CEO क्रिस्टियानो अमोन, माइक्रोसॉफ्ट के ब्रैड स्मिथ आदि मौजूद हैं।ये घोषणाएं भारत की AI मिशन को मजबूती देंगी, जहां सरकार 1.1 बिलियन डॉलर VC फंड भी बना रही है। आने वाले वर्षों में भारत AI कंप्यूट, डेटा सेंटर्स और सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भर बनेगा, जो आर्थिक विकास का नया इंजन बनेगा।
