नई दिल्ली :पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने टीएमसी सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए अपना पूरा प्लान तैयार कर लिया है। पार्टी का फोकस एक तरफ संगठन को मजबूत करने और आंतरिक गुटबाजी पर लगाम लगाने पर है, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को भ्रष्टाचार, घुसपैठ और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर घेरने की रणनीति पर। बीजेपी का मानना है कि अगर इस बार संगठन स्तर पर एकजुट होकर काम किया गया तो राज्य में ‘असल परिवर्तन’ लाया जा सकता है।
बता दें कि, बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य में तैयारियां तेज कर दी हैं। अमित शाह के हालिया तीन दिवसीय दौरे के बाद अब राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 8 और 9 जनवरी 2026 को दो दिवसीय दौरे पर कोलकाता पहुंचे हैं। नड्डा का दौरा संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति पर केंद्रित है। 8 जनवरी को वे जिला अध्यक्षों, विभाग संयोजकों और प्रवासी कार्यकर्ताओं की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
बता दें कि, बीजेपी का मुख्य प्लान बूथ स्तर तक मजबूत टीम तैयार करना है। पार्टी का लक्ष्य राज्य के सभी 80,000 बूथों पर कम से कम 5 लोगों की टीम बनाना है, जो लगातार वोटरों से संपर्क में रहे। इन टीमों को ममता सरकार की नाकामियों (भ्रष्टाचार, घुसपैठ, बेरोजगारी) के साथ केंद्र सरकार की उपलब्धियां बतानी होंगी। नड्डा की बैठक में इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। पार्टी ने तय किया है कि चुनाव मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर लड़ा जाएगा—भ्रष्टाचार, घुसपैठ (इनफिल्ट्रेशन) और बेरोजगारी।
कुल मिलाकर, बीजेपी का प्लान ‘किला मजबूत’ (संगठन मजबूती) और ‘चौतरफा अटैक’ (टीएमसी पर मुद्दों पर हमला) पर आधारित है। अमित शाह के दौरे से मिले निर्देशों को नड्डा आगे बढ़ा रहे हैं। अगर पार्टी बूथ स्तर पर सफल रही तो 2026 में ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाना संभव माना जा रहा है। चुनावी मैदान गर्म हो रहा है, और बीजेपी ‘मिशन बंगाल’ को लेकर पूरी तरह तैयार दिख रही है।किसकी स,रकार बनती हैं ये तो समय आने पर ही पता चलेगी फिल्हाल तैयारियां तेज हैं
