नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक विदेश नीतियों पर चीन ने तीखा तंज कसा है। चीन की सरकारी मीडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक AI जनरेटेड वीडियो शेयर किया है, जिसमें ट्रंप की छवि वाले एक कैरेक्टर को अमेरिका के झंडे वाली टोपी पहने दिखाया गया है। वीडियो में यह कैरेक्टर घमंडी लहजे में कहता है, “मैं जो चाहूं, वो करूं, मेरी मर्जी” और “तुम्हारा तेल, तुम्हारी जमीन, ये सब मेरा शिकार है”। यह वीडियो सीधे तौर पर अमेरिका की हालिया वेनेजुएला कार्रवाई से जुड़ा माना जा रहा है, जहां अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी दे दें कि, चीन की सरकारी मीडिया, जिसमें शिन्हुआ (Xinhua) शामिल है, ने इस वीडियो को एक्स पर पोस्ट किया। वीडियो में कैरेक्टर आगे कहता है, “मादुरो को हटाना केवल एक छोटा खेल है। अंतरराष्ट्रीय नियम मेरे लिए कोई मायने नहीं रखते। मुझे किसी की परमिशन की जरूरत नहीं और न ही किसी बात का मलाल है। मेरे पास बहुत बड़ी सेना है। मुझे जो चाहिए, वो मैं ले सकता हूं।” कैप्शन में लिखा है कि यह अमेरिकी नीतियों का व्यंग्य है, जो “नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था” को “लूट-आधारित व्यवस्था” में बदल देता है।
बता दें कि, ट्रंप ने कार्रवाई के बाद ग्रीनलैंड पर भी दावा दोहराया, जहां वह अमेरिकी सुरक्षा के नाम पर नियंत्रण चाहते हैं। साथ ही ईरान में हो रहे प्रदर्शनों पर अमेरिका नजर रखे हुए है और वहां की सरकार पर हमले की धमकी दे चुका है। चीन की सरकारी मीडिया ने इन सभी घटनाओं को एक साथ जोड़कर ट्रंप की “साम्राज्यवादी” नीतियों का मजाक उड़ाया है। वीडियो में कैरेक्टर की बातें ट्रंप की पुरानी टिप्पणियों से मिलती-जुलती हैं, जैसे ग्रीनलैंड खरीदने की इच्छा या अन्य देशों पर दबाव।
वही, चीन के सोशल मीडिया पर इस घटना ने तहलका मचा दिया। वीबो पर संबंधित टॉपिक्स को 650 मिलियन से अधिक व्यूज मिले। कई यूजर्स ने इसे ताइवान पर संभावित कार्रवाई का “ब्लूप्रिंट” बताया, जबकि कुछ ने अमेरिकी “हेजेमनी” की आलोचना की। हालांकि, चीन की आधिकारिक प्रतिक्रिया में मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की गई है।
हम आपको ये भी बता दें कि, यह वीडियो प्रचार का हिस्सा लगता है, जहां चीन अमेरिका को “अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने वाला” दिखाकर खुद को जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में पेश करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की कार्रवाई से वैश्विक व्यवस्था पर सवाल उठे हैं और चीन इसका फायदा उठाकर ग्लोबल साउथ में अपनी छवि मजबूत कर रहा है।
वही, ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई ड्रग तस्करी रोकने और अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी थी। मादुरो पर अमेरिकी अदालत में मुकदमा चल रहा है, जहां उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है। इस घटना से अमेरिका-चीन तनाव और बढ़ गया है, जो वैश्विक राजनीति को प्रभावित कर सकता है। यह AI वीडियो न केवल व्यंग्य है, बल्कि चीन की रणनीति का हिस्सा है, जो अमेरिका की आलोचना कर खुद को वैकल्पिक नेता के रूप में पेश कर रहा है। आने वाले दिनों में दोनों महाशक्तियों के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है।
