समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

ईरान। ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ युद्ध में भारी आर्थिक खर्च उठा रहा है। पहले 24 घंटों के हमलों में अमेरिका को लगभग 779 मिलियन डॉलर (करीब 6,900 करोड़ रुपये) का खर्च आया है। हमलों की तैयारी में पहले से ही 630 मिलियन डॉलर (करीब 5,556 करोड़ रुपये) खर्च हो चुके हैं। ट्रंप ने कहा है कि युद्ध कम से कम एक महीने तक चलेगा और जरूरत पड़ने पर इससे अधिक समय भी लग सकता है।

यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो कुल लागत 210 बिलियन डॉलर (करीब 18.87 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकती है। एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (जिसमें यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड शामिल है) को चलाने की दैनिक लागत 6.5 मिलियन डॉलर (करीब 58 करोड़ रुपये) है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में दो एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात किए हैं।

ब्राउन यूनिवर्सिटी की 2025 कॉस्ट्स ऑफ वॉर रिपोर्ट के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 से अब तक इजरायल को सैन्य सहायता में 21.7 बिलियन डॉलर खर्च हुए हैं। यमन, ईरान और व्यापक मध्य पूर्व में अभियानों के लिए 9.65 से 12.07 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त खर्च हुआ है। कुल मिलाकर ये राशि 31.35 से 33.77 बिलियन डॉलर (करीब 2.82 से 3.04 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गई है। ईरान के यूएन प्रतिनिधि अली बहरेनी ने कहा है कि युद्ध ईरानी राष्ट्र पर थोपा गया है और जिम्मेदारी अमेरिका व इजरायल पर है। वे आक्रामकता रुकने तक अपनी रक्षा जारी रखेंगे।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version