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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार के कैबिनेट विस्तार में सोमवार को 35 विधायकों ने नबान्न में मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आर.एन. रवि ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।शपथ ग्रहण समारोह नबान्न (लोक भवन) में सुबह 11 बजे शुरू हुआ। शपथ लेने वालों में अशोक कीर्तनिया, दीपक बर्मन, तापस रॉय, डॉ. शंकर घोष, मनोज कुमार ओरांव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय सहित कई नेता शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, कुल 13 कैबिनेट मंत्री और तीन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शामिल हैं।

इस विस्तार के बाद शुभेंदु अधिकारी सरकार की कुल मंत्री संख्या 41 हो गई है। इससे पहले 9 मई को शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ अग्निमित्रा पॉल, निशिथ प्रमाणिक, दिलीप घोष, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने शपथ ली थी।कैबिनेट में क्षेत्रीय संतुलन और अनुभवी व युवा नेताओं को जगह दी गई है। स्वपन दासगुप्ता, सरद्योत मुखोपाध्याय और अन्य नामों का भी मंत्रिमंडल में शामिल होना बताया गया है।

नबान्न में हुआ भव्य शपथ ग्रहण समारोह

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार का दिन महत्वपूर्ण रहा, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 35 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। राज्य की प्रशासनिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र नबान्न (लोक भवन) में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आर.एन. रवि ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

सुबह 11 बजे शुरू हुए इस समारोह में सरकार, प्रशासन और राजनीतिक जगत से जुड़े कई वरिष्ठ लोगों की मौजूदगी देखने को मिली। मंत्रिमंडल विस्तार को नई सरकार के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में हुए इस कैबिनेट विस्तार के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार ने अपने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 35 नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद मंत्रिमंडल की कुल संख्या 41 हो गई है। क्षेत्रीय संतुलन, अनुभवी और युवा नेताओं का मिश्रण तथा व्यापक प्रतिनिधित्व इस विस्तार की प्रमुख विशेषताएं मानी जा रही हैं।

अब निगाहें इस बात पर होंगी कि नया मंत्रिमंडल राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधारों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर किस प्रकार काम करता है और सरकार अपनी प्राथमिकताओं को किस गति से आगे बढ़ाती है।

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