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नई दिल्ली। सरकार SMAM यानी Sub-Mission on Agricultural Mechanization योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर भारी सब्सिडी दे रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों के मेहनत के बोझ को कम करना और खर्च को घटाना है।SMAM योजना में ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, बुवाई मशीनें और हार्वेस्टर जैसे उपकरण शामिल हैं। अलग-अलग राज्यों और किसान श्रेणियों के आधार पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। इससे महंगी मशीनें आधी कीमत पर उपलब्ध हो सकती हैं।

बताते चले कि, जो किसान कस्टम हायरिंग सेंटर या कृषि मशीन बैंक खोलना चाहते हैं, उन्हें अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलती है। योजना का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेज, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर जरूरी हैं।आवेदन आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी CSC सेंटर के माध्यम से घर बैठे किया जा सकता है। छोटे, सीमांत और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाती है। सब्सिडी राशि वेरिफिकेशन के बाद सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती है।

किसानों को इन मशीनों के लिए मिलेगी बड़ी मदद, SMAM योजना से आसान होगी खेती

नई दिल्ली। सरकार SMAM यानी Sub-Mission on Agricultural Mechanization योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर भारी सब्सिडी दे रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों के मेहनत के बोझ को कम करना और खर्च को घटाना है।

SMAM योजना में ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, बुवाई मशीनें और हार्वेस्टर जैसे उपकरण शामिल हैं। अलग-अलग राज्यों और किसान श्रेणियों के आधार पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। इससे महंगी मशीनें आधी कीमत पर उपलब्ध हो सकती हैं।

अंत मे इस कड़ी में हम आपको बता दें कि, बुक, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर जरूरी हैं।आवेदन आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी CSC सेंटर के माध्यम से घर बैठे किया जा सकता है। छोटे, सीमांत और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाती है। सब्सिडी राशि वेरिफिकेशन के बाद सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती है।

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