सफेद कद्दू, जिसे विंटर मेलन, ऐश गार्ड या पेठा कद्दू के नाम से भी जाना जाता है, एक ऐसी सब्जी है जो न केवल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है, बल्कि इसकी खेती से किसानों को अच्छी कमाई भी होती है। हाल ही में नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (NSC) ने सफेद कद्दू की ‘काशी धवल’ किस्म के बीज ऑनलाइन उपलब्ध कराए हैं, जो महज 20 रुपये में मिल रहे हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) द्वारा विकसित यह उच्च उत्पादक किस्म सिर्फ 120 दिनों में तैयार हो जाती है और अच्छी उपज देती है। आइए जानते हैं इसकी खेती के बारे में विस्तार से, फायदे, बुवाई का तरीका और लाभ कैसे प्राप्त करें।
इस किस्म के बीज NSC की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप ‘माय स्टोर’ पर उपलब्ध हैं। पैकेट की कीमत महज 20 रुपये बताई जा रही है, जो छोटे किसानों और घरेलू बागवानी करने वालों के लिए बहुत किफायती है। NSC ने इसे उच्च उत्पादक और बेहतर गुणवत्ता वाली किस्म के रूप में प्रमोट किया है। बीज की मात्रा और पैकेट साइज के आधार पर अधिक खरीदने पर छूट भी मिल सकती है।
खेती का तरीका:
सफेद कद्दू की बुवाई के लिए गर्मी से ठंड तक का मौसम उपयुक्त है, लेकिन फरवरी-मार्च या जून-जुलाई में बुवाई सबसे अच्छी होती है। भूमि अच्छी जल निकासी वाली, दोमट या बलुई दोमट होनी चाहिए। pH 6.0-7.5 के बीच रखें। खेत की अच्छी जुताई करें और गोबर की खाद 10-15 टन प्रति हेक्टेयर डालें। बुवाई के लिए गड्ढे या लाइनों में बीज बोएं। एक गड्ढे में 4-5 बीज डालें और 2-3 फीट की दूरी रखें। अंकुरण के बाद 2 मजबूत पौधे रखें। पानी की नियमित सिंचाई करें, लेकिन ज्यादा पानी से बचें क्योंकि जड़ें सड़ सकती हैं। खरपतवार नियंत्रण और सपोर्ट के लिए बेलों को सहारा दें। कीटों जैसे फल मक्खी या पाउडरी मिल्ड्यू से बचाव के लिए जैविक कीटनाशक इस्तेमाल करें।
जानकारी दे दें कि, यह किस्म छोटे किसानों के लिए वरदान है। कम निवेश (बीज महज 20 रुपये से शुरू) में अच्छी कमाई का मौका। यदि आप घर पर भी गमलों या छोटे प्लॉट में उगाना चाहें, तो यह आसान है। ऑनलाइन NSC से बीज ऑर्डर करें और इस हेल्दी फसल से लाभ कमाएं। सफेद कद्दू की खेती न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि पर्यावरण अनुकूल और सेहतमंद भी।
