पाकिस्तान में हाल ही में हमास और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के नेताओं के बीच हुई बैठक ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। यह बैठक गुजरांवाला में पाकिस्तान मार्कजी मुस्लिम लीग (PMML) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई, जिसे LeT का राजनीतिक मोर्चा माना जाता है
बता दें कि, PMML को LeT का राजनीतिक चेहरा माना जाता है, और राशिद अली संधू इस संगठन में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। बैठक में दोनों नेताओं का एक साथ होना अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित दोनों संगठनों के बीच बढ़ते सहयोग का संकेत है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वैचारिक और परिचालन स्तर पर जुड़ाव है, जहां कश्मीर और गाजा के मुद्दों को जोड़कर वैश्विक जिहाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। पाकिस्तान लंबे समय से आतंकी संगठनों को शरण और समर्थन देने के लिए जाना जाता है, और यह बैठक इसकी पुष्टि करती है।
जानकारी दे दें कि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस नए गठजोड़ पर कड़ी नजर रख रही हैं। इंडिया-पाकिस्तान सीमा पर पहले से ही तनाव है, और अब पूर्वी सीमा पर खतरा बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि हमास-LeT का यह नेक्सस ISI के समर्थन से संचालित है, जो भारत के खिलाफ प्रॉक्सी युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। इजराइल ने भी भारत से हमास को आतंकी संगठन घोषित करने की अपील की है, क्योंकि दोनों संगठनों के बीच “महत्वपूर्ण” संबंध हैं।
आने वाले समय में इस ट्रायंगल के नतीजे भारत की सुरक्षा पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में घुसपैठ, रेडिकलाइजेशन और नई आतंकी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। भारतीय एजेंसियां सतर्क हैं और इस पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं। यह स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती है, जहां पाकिस्तान की नीतियां वैश्विक जिहाद को बढ़ावा दे रही हैं।
