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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने 2026 टी20 विश्व कप के अपने सभी मैचों को भारत से बाहर, विशेष रूप से सह-मेजबान श्रीलंका में स्थानांतरित करने की अपील की थी। आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारत में ही अपने ग्रुप मैच खेलने होंगे, अन्यथा उन्हें अंक गंवाने पड़ सकते हैं।

इस घटना के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक और खेल जगत में भारी नाराजगी फैली। बीसीबी ने इसे खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए खतरा बताया और कहा कि अगर एक बांग्लादेशी क्रिकेटर को अनुबंध के बावजूद आईपीएल में नहीं खेलने दिया जा रहा है, तो पूरी टीम भारत में विश्व कप खेलने के लिए सुरक्षित महसूस नहीं कर सकती।

विश्व कप का कार्यक्रम पहले ही घोषित हो चुका है। 2026 टी20 विश्व कप 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में संयुक्त रूप से आयोजित होगा। बांग्लादेश ग्रुप सी में है, जहां उसके मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होंगे: 7 फरवरी को वेस्ट इंडीज के खिलाफ, 9 फरवरी को इटली के खिलाफ और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ। अंतिम ग्रुप मैच 17 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल के खिलाफ है। लीटन दास कप्तान की भूमिका में टीम का नेतृत्व करेंगे, जबकि मुस्तफिजुर सहित अन्य प्रमुख खिलाड़ी टीम में शामिल हैं।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति क्रिकेट और राजनीति के मिश्रण का उदाहरण है। अगर बांग्लादेश पीछे हटता है, तो न केवल उनके लिए बल्कि पूरे टूर्नामेंट के लिए बड़ा झटका होगा। विश्व कप में 20 टीमें भाग ले रही हैं, जिसमें 55 मैच होंगे। भारत और श्रीलंका के अलावा ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्ट इंडीज जैसे मजबूत टीम शामिल हैं। बांग्लादेश की अनुपस्थिति से ग्रुप सी में असंतुलन पैदा हो सकता है। यह घटना क्रिकेट जगत में एक नया मोड़ ला सकती है। दोनों बोर्डों को बातचीत से स्थिति संभालनी होगी, ताकि विश्व कप की गरिमा बनी रहे। फिलहाल, आईसीसी का रुख सख्त है और बांग्लादेश को भारत आना ही होगा।

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