यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने हाल ही में कहा है कि आज की खतरनाक दुनिया में भारत और यूरोपीय संघ दोनों के लिए एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना बेहद फायदेमंद होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से माना कि भारत यूरोप की आर्थिक मजबूती के लिए ‘बेहद जरूरी’ हो गया है।
21 जनवरी 2026 को यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए काजा कल्लास ने भारत के साथ संबंधों में महत्वपूर्ण बदलाव की बात कही। उन्होंने कहा, “इस ज्यादा खतरनाक दुनिया में, हम दोनों एक साथ मिलकर काम करने से फायदा उठाएंगे।” कल्लास ने जोर दिया कि नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था आज युद्धों, दबाव और आर्थिक बंटवारे के कारण तनावपूर्ण स्थिति में है। ऐसे में दो बड़े लोकतंत्र—भारत और यूरोपीय संघ—को हिचकिचाने का कोई जोखिम नहीं उठाना चाहिए।
जानकारी दे दें कि, भारत के लिए यह अवसर है कि वह वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी स्थिति मजबूत करे और अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम करे। EU के लिए भारत एक विश्वसनीय भागीदार है जो आर्थिक सुरक्षा और विविधीकरण प्रदान करता है। आने वाले दिनों में इन समझौतों से दोनों पक्षों को लाभ होगा और वैश्विक शांति व समृद्धि में योगदान देगा।
