नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026: भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (IREDA) के शेयर पिछले कुछ समय से निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। कंपनी के शेयर अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (रिकॉर्ड हाई) 310 रुपये (15 जुलाई 2024 को छुआ गया) से लगभग 55 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज कर चुके हैं। वर्तमान में शेयर 136-137 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है, जहां 9 जनवरी 2026 को यह 136.61 रुपये पर बंद हुआ, जिसमें 3.24 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। 52-सप्ताह का उच्च स्तर 227.30 रुपये (जनवरी 2025 में) और निचला स्तर 129.11 रुपये रहा है।
स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 37.5 प्रतिशत बढ़कर 584.9 करोड़ रुपये (करीब 585 करोड़) हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 425.4 करोड़ रुपये था। राजस्व ऑपरेशंस से 38 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,140 करोड़ रुपये तक पहुंचा। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 34.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जो 897.5 करोड़ रुपये (करीब 898 करोड़) रही। ये आंकड़े कंपनी की मजबूत परिचालन क्षमता और बढ़ते लोन पोर्टफोलियो को दर्शाते हैं।
शेयर बाजार के नजरिए से, गिरावट के बावजूद तकनीकी संकेत सकारात्मक दिख रहे हैं। IREDA के शेयर शॉर्ट टर्म में तेजी के संकेत दे रहे हैं, क्योंकि यह अपने 5-दिन, 10-दिन, 20-दिन और 30-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर ट्रेड कर रहा है। आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के सीनियर मैनेजर (इक्विटी टेक्निकल रिसर्च) जिगर एस. पटेल ने हालिया विश्लेषण में कहा है कि शेयर ने डेली चार्ट पर डबल बॉटम पैटर्न बनाया है, जो ट्रेंड रिवर्सल का मजबूत संकेत है।
निवेशकों के लिए सलाह: Q3 के शानदार नतीजों के बाद शेयर में रिकवरी की संभावना मजबूत है, लेकिन शॉर्ट टर्म में 135-138 रुपये के सपोर्ट पर नजर रखें। यदि 150 रुपये टूटता है, तो 155-162 रुपये तक तेजी संभव है। लॉन्ग टर्म निवेशक भारत के क्लीन एनर्जी पुश को देखते हुए इसे आकर्षक मान सकते हैं। बाजार जोखिमपूर्ण है, इसलिए अपनी रिसर्च या फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेकर निवेश करें।
