नई दिल्ली। हिंदू ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर और विशेष संयोग जीवन में बड़े बदलाव ला सकते हैं। वर्ष 2026 की शुरुआत में एक ऐसा ही अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है, जिसे ‘लाभ दृष्टि योग’ कहा जा रहा है। यह योग मकर संक्रांति के ठीक अगले दिन 15 जनवरी को शुक्र (शुक्र) और शनि (शनि) ग्रहों के बीच 60 डिग्री के कोण पर स्थित होने से निर्माण हो रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह संयोग लगभग 100 वर्षों बाद बन रहा है, इसलिए इसका प्रभाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस योग का प्रभाव तीन प्रमुख राशियों पर विशेष रूप से पड़ने वाला है—वृषभ (Taurus), कर्क (Cancer) और मकर (Capricorn)। इन राशियों के जातकों के लिए यह समय सुनहरा साबित हो सकता है।
वृषभ राशि (Taurus): शुक्र इस राशि का स्वामी है, इसलिए शुक्र-शनि का लाभ दृष्टि योग इनके लिए अत्यंत शुभ रहेगा। इस संयोग से आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी। अटके हुए पैसे वापस मिल सकते हैं, निवेश से लाभ होगा और नए आय के स्रोत बनेंगे। करियर में प्रमोशन या नई जॉब के अवसर मिल सकते हैं। व्यवसायियों को लाभकारी सौदे मिलेंगे। प्रेम और वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी। शादी के प्रस्ताव भी आ सकते हैं। कुल मिलाकर, वृषभ राशि वालों के लिए धन और सुख-सुविधाओं में वृद्धि के योग मजबूत हैं।कर्क राशि (Cancer): कर्क राशि पर इस योग का प्रभाव आय के स्रोतों को बढ़ाने वाला रहेगा। मकर संक्रांति के बाद लगातार वित्तीय सुधार होगा। बदलने वाला हो सकता है।
मकर राशि (Capricorn): शनि इस राशि का स्वामी है, इसलिए मकर संक्रांति और लाभ दृष्टि योग का संयोजन इनके लिए वरदान समान रहेगा। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति के मजबूत योग हैं। लंबे समय से रुके काम पूरे होंगे, नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे और आय में वृद्धि होगी। पैसों की तंगी दूर होगी, संपत्ति में लाभ होगा। व्यक्तित्व में निखार आएगा और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। मकर राशि वालों के लिए यह योग सफलता के नए द्वार खोलेगा।ज्योतिषविदों का कहना है कि यह योग अचानक भाग्य परिवर्तन से अधिक मेहनत और अनुशासन से मिलने वाले स्थिर लाभ पर जोर देता है। शुक्र की विलासिता और शनि की मेहनत का संतुलन जीवन को संतुलित और समृद्ध बनाता है। हालांकि, सभी राशियों पर प्रभाव अलग-अलग हो सकता है, लेकिन वृषभ, कर्क और मकर राशि के जातकों के लिए यह विशेष रूप से अनुकूल है।
बता दें कि, यह संयोग हमें सिखाता है कि धन और सफलता केवल भाग्य से नहीं, बल्कि कर्म और धैर्य से मिलती है। मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा, दान और तिल-गुड़ का सेवन करने से इस योग के लाभ को और बढ़ाया जा सकता है। यदि आप इनमें से किसी राशि के हैं, तो यह समय अपने लक्ष्यों पर फोकस करने और मेहनत करने का है। 2026 की शुरुआत इन तीन राशियों के लिए वाकई सुनहरी साबित हो सकती है। ज्योतिषीय सलाह लें और सकारात्मक रहें—अच्छे दिन जरूर आएंगे!
