बजट सत्र 2026 में लोकसभा की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है। मंगलवार 10 फरवरी 2026 को सदन की शुरुआत 11 बजे हुई, लेकिन महज 1 मिनट बाद ही विपक्ष के हंगामे के कारण पीठासीन अधिकारी पीसी मोहन ने सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। यह हंगामा पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस किताब के अंशों का हवाला देकर सरकार पर लद्दाख में चीनी घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाना चाहते थे, लेकिन सत्ता पक्ष और स्पीकर ने इसे रोका, जिससे विवाद बढ़ गया।
संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के क्लेरिफिकेशन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। कंपनी ने सोमवार को बयान जारी कर कहा था कि नरवणे की किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है, न ही कोई प्रिंट या डिजिटल कॉपी सार्वजनिक की गई है। कंपनी के पास एक्सक्लूसिव पब्लिशिंग राइट्स हैं और बाजार में घूम रही कोई भी कॉपी अवैध है, जिसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस ने भी किताब के अनधिकृत सर्कुलेशन पर FIR दर्ज की है, जिसकी जांच स्पेशल सेल कर रही है।
राहुल गांधी ने कहा, “या तो पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे झूठ बोल रहे हैं या फिर पेंगुइन। मुझे विश्वास है कि नरवणे झूठ नहीं बोलेंगे।” उन्होंने नरवणे के एक पुराने ट्वीट का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने अपनी किताब के लिंक शेयर किया था और कहा था कि किताब उपलब्ध है। राहुल ने दावा किया कि किताब अमेजन पर उपलब्ध है और नरवणे ने 2023 में इसे प्रमोट किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किताब प्रकाशित नहीं हुई तो जो कॉपी उनके पास है और जो सदन में चर्चा का विषय बनी है, वह क्या है? राहुल ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताते हुए कहा कि किताब में 2020 के गलवान संघर्ष और लद्दाख में चीनी टैंकों की घुसपैठ का जिक्र है, जो सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस किताब के अंशों से डर रही है, इसलिए सदन में चर्चा नहीं होने दे रही।
इस संबंध में बता दें कि, यह विवाद 2 फरवरी 2026 से शुरू हुआ, जब राहुल गांधी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान एक मैगजीन आर्टिकल का हवाला देते हुए किताब के अंश पढ़ने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि किताब में लिखा है कि 31 अगस्त 2020 को चार चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पर पहुंचे थे और सरकार ने उचित कार्रवाई नहीं की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने इसका विरोध किया, कहा कि अप्रकाशित किताब का हवाला सदन के नियमों के खिलाफ है और यह गुमराह करने वाला है। स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को रोका और सदन कई बार स्थगित हुआ। 4 फरवरी को राहुल ने सदन परिसर में किताब की कॉपी दिखाई और कहा कि अगर पीएम मोदी आएंगे तो उन्हें गिफ्ट करेंगे।
