मुंबई। महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में हुए चुनावों के नतीजे आज 16 जनवरी 2026 को आ रहे हैं और शुरुआती रुझानों में भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) की महायुति गठबंधन को भारी बढ़त मिलती दिख रही है। खासतौर पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में महायुति की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जिससे पहली बार भाजपा का मेयर बनना तय हो गया है। यह शिवसेना के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे का अंत होगा, जो 1997 से BMC पर काबिज था।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, कुल 893 वार्डों में 2,869 सीटों के लिए 15,908 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला हो रहा है। मतदान 15 जनवरी को हुआ था, जिसमें औसत मतदान प्रतिशत 46-50% रहा। मुंबई (BMC) में यह 52.94% दर्ज किया गया, जो 2017 के 55.53% से थोड़ा कम है। गिनती सुबह 10 बजे शुरू हुई और पोस्टल बैलट से शुरुआत हुई। BMC की 227 सीटों में बहुमत के लिए 114 सीटें चाहिए। शुरुआती रुझानों में महायुति (भाजपा + शिंदे शिवसेना) 130 से ज्यादा सीटों पर आगे है, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी), मनसे और अन्य विपक्षी गठबंधन 70 के आसपास पर हैं। भाजपा अकेले कई वार्डों में सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही है।
यह भी जानकारी देते चलें कि, बीएमसी भारत की सबसे अमीर नागरिक संस्था है, जिसका बजट 74,400 करोड़ रुपये से ज्यादा है। यहां मेयर का पद बहुत महत्वपूर्ण है, जो शहर की सड़कें, पानी, सफाई, स्वास्थ्य और विकास परियोजनाओं को नियंत्रित करता है। 28 साल बाद शिवसेना का दबदबा टूटना राजनीतिक रूप से बड़ा बदलाव है। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह मोदी की नीतियों और राष्ट्रवाद की जीत है। रामदास आठवले ने कहा कि मुंबई का मेयर महायुति से ही होगा और वह मराठी भाषी होगा। देवेंद्र फडणवीस ने मोदी का शुक्रिया अदा किया।
हमआपको बताते चले कि, यह चुनाव महाराष्ट्र की शहरी राजनीति का आईना है। महायुति की जीत राज्य सरकार की ताकत बढ़ाएगी और 2029 विधानसभा चुनावों के लिए संकेत देगी। ठाकरे गठबंधन की हार शिवसेना के विभाजन के बाद उनकी कमजोरी दिखाती है। BMC में भाजपा का पहला मेयर बनना ऐतिहासिक होगा। गिनती जारी है और शाम तक पूर्ण नतीजे आने की उम्मीद है।
