कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर किसान का अपमान करने का आरोप लगा है। कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित कलबुर्गी जिले से सामने आए एक वीडियो के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा है कि पार्टी किसानों की भावनाओं का सम्मान नहीं करती। वीडियो में खरगे और एक किसान के बीच हुई बातचीत ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस वीडियो को साझा कर कांग्रेस की तीखी आलोचना की है।
मामला कर्नाटक के कलबुर्गी जिले का है, जहां भारी बारिश और बाढ़ से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का एक वीडियो सामने आया जिसमें वे एक किसान से फसलों की स्थिति पर बातचीत कर रहे हैं।
भाजपा का हमला
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा- “कांग्रेस किसानों का अपमान करती है! जो किसान खरगे के पास गए, उन्हें जाने को कहा गया और कहा गया- प्रचार के लिए मेरे पास आना बंद करो। कांग्रेस और राहुल गांधी हमारे किसानों से इतनी नफरत क्यों करते हैं?”
कांग्रेस की सफाई
हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि खरगे की बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उनका कहना है कि खरगे खुद भी किसान परिवार से आते हैं और वे किसानों की समस्याओं को भलीभांति समझते हैं।
बता दें कि, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और किसान के बीच बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा भड़क गई है। भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने खरगे की आलोचना करते हुए लिखा- “कांग्रेस किसानों का अपमान करती है! जो किसान खरगे के पास गए, उन्हें जाने को कहा गया और कहा गया- प्रचार के लिए मेरे पास आना बंद करो। कांग्रेस और राहुल गांधी हमारे किसानों से इतनी नफरत क्यों करते हैं?”
वही, घटना के बाद स्थानीय किसानों में नाराजगी की खबरें सामने आई हैं। कई किसानों का कहना है कि जब वे अपनी समस्याएं साझा करने जाते हैं, तो नेताओं से उन्हें सहानुभूति और मदद की उम्मीद रहती है। ऐसे समय में किसी भी प्रकार का असंवेदनशील बयान किसानों की पीड़ा को और बढ़ा सकता है।
जाैनकारी दे दें कि, कर्नाटक में बाढ़ से हुई तबाही ने किसानों की कमर तोड़ दी है। ऐसे हालात में जब किसान अपनी बात नेताओं तक पहुंचाते हैं, तो उनसे संवेदनशील और सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद की जाती है। लेकिन मल्लिकार्जुन खरगे और किसान के बीच हुई बातचीत का वीडियो अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल चुका है।
