सिंगूर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगूर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। यह दौरा राज्य में आगामी 2026 विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर जमकर हमला बोला और राज्य के 15 वर्षों के शासन को ‘महाजंगलराज’ करार देते हुए लोगों से परिवर्तन की अपील की। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब इस महाजंगलराज से मुक्ति चाहती है और असली विकास के लिए तैयार है।
हम बता दें कि, सिंगूर का चयन प्रतीकात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। यह वही स्थान है जहां 2006-2008 में टाटा मोटर्स की नैनो कार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ ममता बनर्जी के नेतृत्व में बड़े आंदोलन हुए थे। उस आंदोलन ने टीएमसी को राजनीतिक ताकत दी और अंततः टाटा को परियोजना गुजरात के साणंद में स्थानांतरित करनी पड़ी, जहां उस समय नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री थे। हालांकि प्रधानमंत्री के भाषण में टाटा नैनो या भूमि विवाद का सीधा जिक्र नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने उद्योगों के लौटने, निवेश आने और रोजगार सृजन के लिए कानून-व्यवस्था सुधारने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वही, प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार पर केंद्र की योजनाओं को राज्य में लागू नहीं होने देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टीएमसी को बीजेपी से दुश्मनी हो सकती है, लेकिन बंगाल के लोगों, युवाओं, किसानों, मछुआरों और महिलाओं से दुश्मनी क्यों? उदाहरण देते हुए उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का जिक्र किया, जो गरीबों को मुफ्त इलाज प्रदान करती है। दिल्ली में जहां पूर्व सरकार ने इसे लागू नहीं होने दिया, वहां जनता ने बदलाव लाकर अब डबल इंजन सरकार बनाई और योजना लागू हो गई। इसी तरह बंगाल में भी टीएमसी पीएम श्री स्कूलों, मत्स्य संपदा योजना जैसी योजनाओं को रोक रही है, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रधानमंत्री ने पूछा – क्या ऐसी सरकार को सजा मिलनी चाहिए या नहीं? उन्होंने कहा कि जहां डबल इंजन सरकार है, वहां केंद्र की योजनाएं तेजी से लागू हो रही हैं और विकास हो रहा है।
आगे बोलते हुए पीएम ने महिलाओं की सुरक्षा पर कहा कि, टीएमसी के राज में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। शिक्षा व्यवस्था माफिया और भ्रष्टाचारियों के कब्जे में है। हिंसा की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए लोगों से अपील की कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी को वोट दें। उन्होंने घुसपैठियों (इनफिल्ट्रेटर्स) का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि टीएमसी उन्हें सुविधाएं देती है, धरने-प्रदर्शन करती है क्योंकि वे उनका वोटबैंक हैं।
प्रधानमंत्री ने बंगाल की जनता को बधाई दी कि सिंगूर का यह जनसैलाब नई कहानी की शुरुआत है। सभी एक ही भाव से आए हैं – असली परिवर्तन चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का मतदाता जाग चुका है और विकास रोकने वालों को सजा मिलती रही है। बंगाल में भी बीजेपी की सरकार बननी चाहिए ताकि सुशासन आए और विकास हो।
टीएमसी ने प्रधानमंत्री के भाषण पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मोदी विकास की बात कम और आरोप ज्यादा लगा रहे हैं। सिंगूर में कोई नई परियोजना नहीं घोषित की गई, जिससे स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ता निराश हैं। टीएमसी ने दावा किया कि सिंगूर अब इंडस्ट्रियल मैप पर वापस है और राज्य सरकार ने यहां बड़े वेयरहाउस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।
कुल मिला कर यह रैली बंगाल की राजनीति में बीजेपी और टीएमसी के बीच तीखी लड़ाई को दर्शाती है। बीजेपी ‘परिवर्तन’, ‘सुशासन’ और ‘विकास’ का नारा दे रही है, जबकि टीएमसी कल्याणकारी योजनाओं और स्थानीय मुद्दों पर फोकस कर रही है। 2026 चुनावों में सिंगूर जैसे प्रतीकात्मक स्थानों से राजनीतिक संदेश मजबूत करने की कोशिश जारी है। प्रधानमंत्री का यह दौरा पूर्वी भारत को विकसित भारत का इंजन बनाने के संकल्प को भी रेखांकित करता है।
