कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है, और ऐसे में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को नंदीग्राम से एक बड़ी खुशखबरी मिली है। सत्तारूढ़ TMC ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम-2 ब्लॉक में अहमदाबाद सहकारी कृषि विकास समिति (Amdabad Samabay Krishi Unnoyan Samiti) के चुनाव में क्लीन स्वीप हासिल किया है। TMC के उम्मीदवारों ने सभी 12 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा और वामपंथी दलों को एक भी सीट नहीं मिली। यह जीत 12-0 के अंतर से हुई है, जो TMC के लिए न केवल स्थानीय स्तर पर मजबूती का प्रतीक है, बल्कि राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत भी है।
जानकारी दे दें कि, यह चुनाव विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नंदीग्राम सुवेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है। 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को यहां 1,956 वोटों से हराया था, जिसने TMC के लिए बड़ा झटका माना गया था। नंदीग्राम उस समय राजनीतिक प्रतीक बन गया था, जहां से TMC की कमजोरी और भाजपा की मजबूती का संदेश गया था। लेकिन अब TMC की इस क्लीन स्वीप जीत को राजनीतिक विश्लेषक सुवेंदु अधिकारी के प्रभाव में कमी और TMC की जमीनी वापसी के रूप में देख रहे हैं। TMC नेता और कार्यकर्ता इसे पार्टी की रणनीति की सफलता मान रहे हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जनता से सीधे जुड़ने की कोशिशों को।
TMC के जिला नेताओं ने इस जीत का श्रेय मुख्य रूप से ‘सेवाश्रय’ (Sebaashray या Sevashray) परियोजना को दिया है। TMC के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने पिछले गुरुवार को नंदीग्राम में इस परियोजना को शुरू किया था। सेवाश्रय एक सामुदायिक सेवा पहल है, जिसमें ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य जांच, मुफ्त दवा वितरण, प्रशासनिक सेवाएं और विभिन्न सामाजिक सहायता प्रदान की जाती है।
याद दिला दें कि, यह जीत TMC के लिए इसलिए भी राहत भरी है क्योंकि जनवरी की शुरुआत में इसी क्षेत्र की नंदीग्राम सहकारी कृषि विकास समिति के चुनाव में भाजपा ने सभी 9 सीटें जीती थीं और TMC को एक भी सीट नहीं मिली थी। उस हार के बाद TMC ने सेवाश्रय को और तेजी से लागू किया, जिसका नतीजा अब सामने आया है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि सहकारी समितियां बंगाल में राजनीतिक प्रभाव का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ये समितियां कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़ी होती हैं, और इन पर नियंत्रण से पार्टी को जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करने में मदद मिलती है।
कुल मिला कर यह जीत TMC को चुनावी तैयारी में नई ऊर्जा देगी। पार्टी अब सेवाश्रय को अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में विस्तार देने की योजना बना रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय चुनावों के परिणाम विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने में भूमिका निभाते हैं। TMC की इस सफलता से सत्ताधारी दल में उत्साह है, जबकि भाजपा को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत पड़ सकती है। नंदीग्राम अब फिर से बंगाल की राजनीति का केंद्र बन गया है, जहां हर छोटी जीत बड़ी कहानी लिख रही है।
