नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बने 45 वर्षीय नितिन नबीन की नियुक्ति ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी ताजपोशी 20 जनवरी 2026 को भाजपा मुख्यालय में हुई, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपना ‘बॉस’ बताते हुए बधाई दी। इस बीच, नितिन नबीन के जन्म स्थान, शिक्षा और पैतृक गांव को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है। कई लोग भ्रम में हैं कि उनका असली घर कहां है, लेकिन सच्चाई यह है कि उनका जन्म झारखंड के रांची में हुआ, जबकि पैतृक गांव बिहार के नवादा जिले में स्थित अमावां है।
नितिन नबीन का जन्म 23 मई 1980 को रांची (तब अविभाजित बिहार) में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा एक वरिष्ठ भाजपा नेता थे, जो पटना के बांकीपुर से चार बार विधायक रहे। पिता के राजनीतिक प्रभाव के कारण परिवार पटना में बस गया। नितिन नबीन का पैतृक गांव नवादा जिले के रजौली प्रखंड अंतर्गत अमावां है। उनके दादा कामेंद्र प्रसाद सिन्हा पटना चले गए थे, जिससे परिवार का मुख्य निवास पटना हो गया। हालांकि, नितिन नबीन का अमावां से गहरा भावनात्मक जुड़ाव आज भी कायम है। उनके पिता अक्सर गांव जाते थे और नितिन ने इस परंपरा को जारी रखा है।
नितिन नबीन के पैतृक गांव अमावां में उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की खबर पहुंचते ही जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ अबीर-गुलाल उड़ाया, मिठाइयां बांटीं और होली जैसा उत्सव मनाया। गांव के लोग इसे नवादा जिले और पूरे बिहार के लिए गौरव की बात मान रहे हैं। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे छोड़े, ‘नितिन नबीन जिंदाबाद’ के नारे लगाए और पारंपरिक गीत गाए। बुजुर्गों से युवाओं तक सभी में उत्साह देखने को मिला। गांव वाले कहते हैं कि नितिन का गांव से जुड़ाव हमेशा मजबूत रहा है। उन्होंने राजनीतिक सफर की शुरुआत भी ‘गांव चलो’ अभियान से अपने पैतृक गांव से की थी।
शिक्षा की बात करें तो नितिन नबीन की प्रारंभिक शिक्षा पटना के सेंट माइकल हाई स्कूल से हुई। उन्होंने 1996 में सीबीएसई बोर्ड से कक्षा 10वीं उत्तीर्ण की। उसके बाद उन्होंने दिल्ली के सीएसकेएम पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट (12वीं) 1998 में पास किया। राजनीति में प्रवेश पिता के निधन के बाद 2006 में उपचुनाव से हुआ, जब वे बांकीपुर से विधायक चुने गए। इसके बाद 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की। वे पटना के बांकीपुर से पांच बार के विधायक हैं और बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री रह चुके हैं।
नितिन नबीन की नियुक्ति भाजपा में युवा नेतृत्व और संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक है। दिसंबर 2025 में वे कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे, और 19-20 जनवरी 2026 में निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। पार्टी संसदीय बोर्ड ने उन्हें जगत प्रकाश नड्डा की जगह चुना। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “नितिन नबीन अब मेरे बॉस हैं, मैं उनका कार्यकर्ता हूं।” नितिन ने अपने पहले भाषण में कहा कि यह एक साधारण कार्यकर्ता की असाधारण यात्रा है।
