पटना। बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने नए साल की शुरुआत में ही विकास, रोजगार और निवेश के क्षेत्र में मजबूत संकल्प दिखाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्य सचिवालय के कैबिनेट हॉल में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 43 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। यह बैठक नई एनडीए सरकार की पहली कैबिनेट बैठक के रूप में विशेष महत्व रखती है, क्योंकि इसमें 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को अमल में लाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई और इसमें दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय कुमार सिन्हा सहित सभी कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे।
बता दें कि, यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 जनवरी से ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकलने वाले हैं। इस यात्रा के दौरान वे राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे, जनता से सीधा संवाद करेंगे और सरकार की प्रगति का जायजा लेंगे। ऐसे में कैबिनेट बैठक से ठीक पहले इतने बड़े पैमाने पर फैसले लेना सरकार की गंभीरता और आक्रामक विकास एजेंडे को दर्शाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये निर्णय न केवल प्रशासनिक स्तर पर बदलाव लाएंगे, बल्कि राज्य की आर्थिक दशा सुधारने और आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को मजबूत बनाने में भी सहायक साबित होंगे।
जानकारी दे दें कि, बुनियादी ढांचे के विकास पर भी कैबिनेट ने ध्यान केंद्रित किया। दरभंगा एयरपोर्ट के निकट लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण एवं मुआवजा संबंधी प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। यह परियोजना पूर्वी भारत में लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगी और व्यापार-व्यवसाय को नई गति देगी। इसी तरह गया में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 220 केवी की नई बिजली लाइन के निर्माण को मंजूरी दी गई।
ये सभी फैसले राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले हैं। सरकार ने संकेत दिया है कि नए साल में विकास, रोजगार और निवेश पर आक्रामक रुख अपनाया जाएगा। बुनियादी ढांचे, उद्योग और कृषि से जुड़े ये निर्णय राज्य की दिशा और दशा दोनों बदल सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे निवेश का प्रवाह बढ़ेगा, युवाओं को अवसर मिलेंगे और बिहार की छवि एक उभरते हुए विकासशील राज्य के रूप में मजबूत होगी।
आपको बता दें कि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने इन फैसलों से स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी वादों को पूरा करने में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। समृद्धि यात्रा के दौरान इन योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य की जनता इन फैसलों से उम्मीदें बांध रही है कि बिहार अब तेजी से आगे बढ़ेगा और विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा। आने वाले दिनों में इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
