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समाचार मिर्ची

मुंबई। राम चरण और जान्हवी कपूर अभिनीत फिल्म ‘पेड्डी’ के विवाद पर गीतकार अनंत श्रीराम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना के माफी मांगने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे क्रिएटिविटी का कत्ल हो गया है। 14 जून 2026 को फिल्म की सक्सेस मीट पार्टी में अनंत श्रीराम ने डायरेक्टर के बचाव में कहा कि एक किरदार का बर्ताव पूरी तरह डायरेक्टर की कल्पना पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि अगर डायरेक्टर को किरदार को कैसे दिखाना है, इसकी आजादी नहीं मिलेगी तो क्रिएटिविटी का क्या मतलब रह जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर ऐसा चलता रहा तो कमर्शियल फिल्में बनाना मुश्किल हो जाएगा।

फिल्म में जान्हवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद हुआ था। कुछ दर्शकों ने आरोप लगाया कि उनके किरदार को जरूरत से ज्यादा बोल्ड और ऑब्जेक्टिफाई किया गया। कई सीन में रोमांस और जबरदस्ती की लाइन पार करने का आरोप लगा। बुच्ची बाबू सना ने दर्शकों की चिंताओं को समझते हुए माफी मांगी और प्रभावित सीन में बदलाव करने की बात कही थी।विवाद के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही है और भारत में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन कर चुकी है।

क्या है पूरा विवाद?

फिल्म ‘पेड्डी’ रिलीज के बाद दर्शकों के एक वर्ग ने जान्हवी कपूर द्वारा निभाए गए ‘अचियम्मा’ के किरदार को लेकर आपत्ति जताई थी। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि फिल्म में महिला किरदार को जरूरत से ज्यादा ग्लैमरस और बोल्ड तरीके से प्रस्तुत किया गया है। कुछ दर्शकों का यह भी कहना था कि कुछ रोमांटिक दृश्यों में संवेदनशीलता की कमी दिखाई गई और कुछ सीन दर्शकों को असहज करने वाले लगे।

इन प्रतिक्रियाओं के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर बहस शुरू हो गई। एक तरफ ऐसे दर्शक थे जो फिल्म को केवल मनोरंजन और काल्पनिक कहानी का हिस्सा मान रहे थे, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने महिला पात्रों के चित्रण को लेकर सवाल उठाए।

‘पेड्डी’ को लेकर जारी बहस इसी बदलते सिनेमाई परिदृश्य का उदाहरण मानी जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म उद्योग रचनात्मक स्वतंत्रता और दर्शकों की अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाने के लिए किस तरह के नए रास्ते अपनाता है।

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