नई दिल्ली। देश भर के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। योजना के तहत पात्र छोटे और सीमांत किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में 2000-2000 रुपये के रूप में सीधे बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से प्रदान की जाती है। हालिया अपडेट के अनुसार, सरकार ने बड़े पैमाने पर पुनर्सत्यापन अभियान चलाया है, जिसमें भूमि रिकॉर्ड की जांच और अन्य सत्यापन प्रक्रियाओं के आधार पर लाखों किसानों के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। केवल वे किसान ही इस 22वीं किस्त के हकदार होंगे, जिन्होंने ई-केवाईसी पूरा कर लिया है, भूमि दस्तावेज सत्यापित हैं और पात्रता मानदंड पूरे होते हैं।
सरकार ने योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब परिवार की एक इकाई (पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे) से केवल एक ही सदस्य लाभ प्राप्त कर सकता है, जबकि पहले कई मामलों में पति-पत्नी दोनों अलग-अलग लाभ ले रहे थे। 1 फरवरी 2019 के बाद भूमि पंजीकृत करने वाले किसानों को भी अयोग्य घोषित किया जा रहा है। यदि पुनर्सत्यापन में अयोग्य पाए जाते हैं तो पहले प्राप्त राशि की वसूली भी संभव है। ई-केवाईसी न करने वाले या आधार-बैंक खाता लिंक न होने वाले किसानों की किस्त रोकी जा सकती है। किसान ई-केवाईसी को निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर या मोबाइल ऐप के माध्यम से फेस रिकग्निशन से पूरा कर सकते हैं।
22वीं किस्त की राशि फरवरी के अंत या मार्च 2026 के पहले सप्ताह में जारी होने की संभावना है, संभवतः होली से पहले। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है। पिछली 21वीं किस्त नवंबर 2015 में जारी की गई थी। किसान अपनी स्थिति जांचने के लिए आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जा सकते हैं। होमपेज पर ‘किसान कॉर्नर’ में ‘बेनिफिशियरी स्टेटस’ या ‘नो योर स्टेटस’ विकल्प चुनकर रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर डालकर डेटा प्राप्त कर सकते हैं। यदि ई-केवाईसी और भूमि सीडिंग ‘यस’ दिखाई दे तो किस्त मिलने की संभावना अधिक है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत ई-केवाईसी पूरा करें और लाभार्थी सूची में अपना नाम जांच लें, ताकि किसी तकनीकी कारण से किस्त न अटके। योजना अब तक 21 किस्तें जारी कर चुकी है और करोड़ों किसानों को लाभ पहुंचा चुकी है, लेकिन पात्रता सुनिश्चित करने के लिए सतत सत्यापन जारी है।
