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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन देश की Gen-Z, छात्रों और शोधकर्ताओं पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि भारत को ‘विकसित भारत @2047’ बनाने की चाबी देश के युवाओं और छात्रों के हाथों में है। शिक्षा, रिसर्च, डिजिटल कनेक्टिविटी और वैश्विक अवसरों को लेकर उन्होंने युवाओं के लिए विजन प्रस्तुत किया।

यहां यह जानकारी दे दें कि, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए प्रधानमंत्री ने फ्री कोचिंग नेटवर्क का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि देश में फ्री कोचिंग देने का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा किया जाएगा। युवाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग और डिजिटल तैयारी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसका उद्देश्य गरीब से गरीब तक अच्छी शिक्षा पहुंचाना है। सरकार डिजिटल और ऑन-ग्राउंड नेटवर्क तैयार कर रही है, जहां टॉप फैकल्टीज और स्टडी मैटेरियल मुफ्त उपलब्ध होंगे। इससे छोटे शहरों और गांवों के छात्र महंगी कोचिंग फीस के कारण पीछे नहीं रहेंगे।

इस दौरान रिसर्च और इनोवेशन के लिए पीएम मोदी ने एक लाख करोड़ रुपये के फंड का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि युवाओं को रिसर्च के नए अवसर दिए गए हैं। प्राइवेट स्टार्टअप्स में 28 साल की औसत उम्र के युवाओं ने ट्रायल सैटेलाइट लॉन्च किए हैं। देश में आज 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया की जानी-मानी और शीर्ष विदेशी यूनिवर्सिटीज अब भारत आ रही हैं। इससे भारतीय छात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल एक्सपोजर भारत में रहकर ही प्राप्त कर सकेंगे।

अंत में बता दें कि, प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 10-12 साल में देश में 650 नई यूनिवर्सिटीज खुली हैं। मेडिकल सीटें बढ़कर करीब 850 हो गई हैं, जबकि 2014 से पहले यह आंकड़ा लगभग 400 के आसपास था। 2014 के बाद युवाओं के कौशल विकास के लिए विशेष नीतियां बनाई गईं। 35 साल के अंतराल के बाद लागू नई शिक्षा नीति ने रटने की परंपरा खत्म कर व्यावहारिक ज्ञान पर ध्यान दिया है। भारत में उपलब्ध दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट डेटा Gen-Z को घर बैठे नई स्किल्स सीखने, स्टार्टअप्स शुरू करने और डिजिटल इकोनॉमी से जुड़ने का अवसर दे रहा है।

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