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समाचार मिर्ची

भारत ने 15 अगस्त 2025 को अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया। दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 12वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। सुबह 7:30 बजे प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्हें फ्लाइंग ऑफिसर रशिका शर्मा ने सहायता की। ध्वजारोहण के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई और भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों से फूलों की वर्षा हुई।

प्रधानमंत्री ने साफ संदेश देते हुए कहा—
“अब न्यूक्लियर की धमकियों को भारत सहने वाला नहीं है। 10 नए न्यूक्लियर रिएक्टरों का निर्माण तेज़ी से किया जा रहा है। आने वाले दशक में भारत अपने दुश्मनों को स्पष्ट कर देगा कि देश की संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं होगा।”

ऑपरेशन सिंदूर की गूंज

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक बड़ा हिस्सा ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को समर्पित रहा। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इस मिशन में शामिल वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को 14 अगस्त की पूर्व संध्या पर सम्मानित किया गया।

अनुच्छेद 370 और कश्मीर का जिक्र

बता दें कि, समारोह में एक विशेष बात यह रही कि विपक्ष के दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति पर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं गर्म हैं। हालांकि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में किसी का नाम लिए बिना विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देशहित सर्वोपरि है, राजनीति बाद में होनी चाहिए।

79वां स्वतंत्रता दिवस 2025 सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि भारत के भविष्य की रूपरेखा का खाका पेश करने वाला अवसर बन गया। पीएम मोदी के संबोधन ने जहां एक ओर सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने की बात कही, वहीं दूसरी ओर युवाओं और आम नागरिकों की आकांक्षाओं को भी आवाज दी।

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