प्रयागराज।उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आज दोपहर करीब 1:30 बजे भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनिंग माइक्रोलाइट विमान रूटीन ट्रेनिंग उड़ान के दौरान अचानक अनियंत्रित होकर शहर के बीचों-बीच एक तालाब में जा गिरा। यह हादसा केपी कॉलेज (कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज) के ठीक पीछे स्थित एक छोटे तालाब में हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। विमान में दो पायलट सवार थे – एक प्रशिक्षु पायलट और एक अनुभवी प्रशिक्षक – जो बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बच निकले। स्थानीय छात्रों, ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत पानी में उतरकर दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकाला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्रों की बहादुरी और त्वरित कार्रवाई को देखकर लोग भावुक हो रहे हैं।
हादसे के तुरंत बाद आसपास के केपी कॉलेज के छात्रों और स्थानीय निवासियों ने असाधारण साहस दिखाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान से तेज धमाके जैसी आवाज आई और फिर काला धुआं उठने लगा। छात्रों ने बिना देर किए तालाब में कूदकर विमान के मलबे तक पहुंचे और दोनों पायलटों को बाहर निकाला। एक छात्र ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमने देखा कि विमान तालाब में गिरा है।
जानकारी दे दें कि, घटना के बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। एनडीआरएफ के गोताखोरों ने विमान के मलबे से ब्लैक बॉक्स और अन्य महत्वपूर्ण हिस्से निकालने का काम शुरू किया। पुलिस ने क्रैश साइट को घेर लिया और जांच शुरू कर दी। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) और वायुसेना की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। जांच में इंजन फेलियर, मौसम की स्थिति, पायलट की ट्रेनिंग और विमान की मेंटेनेंस रिपोर्ट की जांच की जाएगी।
वही, यह घटना एविएशन सेफ्टी और ट्रेनिंग प्रोटोकॉल पर सवाल उठाती है। पिछले कुछ वर्षों में भारत में कई ट्रेनिंग विमान हादसे हो चुके हैं, लेकिन इस बार पायलट सुरक्षित बच गए और कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे का सटीक कारण पता चलेगा। फिलहाल दोनों पायलटों की सेहत पर नजर रखी जा रही है और विमान के मलबे को बामरौली एयरबेस ले जाया जा रहा है।प्रयागराज के लोगों ने इस घटना को “चमत्कार” बताया, क्योंकि तालाब में गिरने के बावजूद कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। छात्रों की बहादुरी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपात स्थिति में आम नागरिक कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं। वायुसेना ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
