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समाचार मिर्ची

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है, जहां हर साल माघ मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु संगम स्नान के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष 2026 में माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा। मेले के प्रमुख स्नान पर्वों में मकर संक्रांति (14-15 जनवरी) और मौनी अमावस्या (18 जनवरी) शामिल हैं, जो अत्यंत शुभ माने जाते हैं। इन दिनों संगम तट पर भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और सड़कों पर जाम की स्थिति बन जाती है।

हमआपको बता दें कि, फैसले की वजह और विस्तारजिला प्रशासन का कहना है कि मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के पावन स्नान के दौरान लाखों-करोड़ों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचते हैं। मकर संक्रांति पर सूर्य के उत्तरायण होने से स्नान का विशेष महत्व है, जबकि मौनी अमावस्या को माघ मेले का सबसे प्रमुख और पुण्यदायी स्नान दिवस माना जाता है। इन दिनों संगम घाटों पर भारी भीड़ होती है, जिससे शहर की सड़कें, पुल और यातायात प्रभावित होते हैं। छात्रों को स्कूल आने-जाने में कठिनाई होती है, ट्रैफिक जाम के कारण देरी हो सकती है और सुरक्षा का खतरा बढ़ जाता है।

कुछ रिपोर्टों के अनुसार, प्राइमरी स्तर (कक्षा 1 से 8 तक) के लिए ऑनलाइन क्लासेस या वैकल्पिक शैक्षणिक गतिविधियां चलाई जा सकती हैं, ताकि पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे। हालांकि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर पूरी छुट्टी है। स्कूल 21 जनवरी 2026 से सामान्य रूप से खुलने की संभावना है।

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